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हनी ट्रैप मामला : डर दिखाकर समझौता कराता था एसआई, कारोबारी के चालक ने ही फंसवाया था उसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद/नोएडा
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:04 PM IST
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फाइल फोटो
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होडल के एक कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर 16 लाख रुपये वसूलने के मामले में साजिश के तौर पर नोएडा में तैनात रहे दरोगा रामधन का नाम सामने आया था। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में दरोगा बागपत में तैनात है।
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फरीदाबाद की पुलिस यदि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखेगी तो उसे बागपत को भेज दिया जाएगा। मामले में दरोगा के अलावा और पुलिस कर्मी या अन्य कोई शामिल है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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दरअसल, फरीदाबाद की पुलिस ने जांच के दौरान पाया है कि सेक्टर-82 चौकी में तैनात रहे रामधन की भी भूमिका थी। आरोप है कि दरोगा मामला दर्ज का डर दिखाकर समझौता कराने का काम करता था। आरोपी शिकार फंसाकर नोएडा लाते थे। एक कोठी में चाय या कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद महिला आपत्तिजनक स्थिति में शिकार में फंसाए गए व्यक्ति के साथ अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर रुपये की मांग की जाती थी।
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लोग सामाजिक लोकलाज के डर से रुपये देते थे। होडल निवासी कारोबारी रमेश जैन को हनीट्रैप मेें फंसाकर 16 अक्तूबर को हथियारों के बल पर अपहरण करके नोएडा लाया गया था। दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर 16 लाख रुपये वसूल लिए थे। 6 नवंबर 2017 को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला खुला कि इस रैकेट में नोएडा का दरोगा भी शामिल है।
कारोबारी के चालक ने ही फंसवाया था उसे हनी ट्रैप में
हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार रामबीर होडल के कारोबारी रमेश जैन के पास करीब एक साल तक चालक रहा था और उसने ही अपने मालिक को फंसाया था। नोएडा में बंधक बनाने के दौरान रामबीर पर उसके मालिक को शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने उसे भी मारापीटा और बांध कर रखा था।
रिमांड के दौरान पुलिस मंगलवार रात भर नोएडा, मथुरा, उत्तर प्रदेश व गुरुग्राम की खाक छानती रही। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद किए हैं। रिमांड समाप्त होने पर बुधवार को दोनों को होडल अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जांच अधिकारी एसआई ब्रह्म सिंह ने बताया कि रामबीर अपने साथियों के साथ मिलकर पहले भी इस तरह की वारदात कर चुका था। ऐसे में एक साल तक रमेश जैन का चालक होने के कारण उसे उनके बारे में काफी जानकारी थी। रामबीर ने अपने साथियों से कहा था कि उसके मालिक के पास खूब पैसा है। उसे फंसाया जाए, तो मोटी रकम मिल सकती है।
योजना के तहत रामबीर फ्लैट दिखाने के बहाने रमेश जैन को गुरुग्राम ले गया था। वहां एक फ्लैट में उसे चाय में नींद की गोली मिलाकर पिला दी। बेहोश होने पर आरोपी रमेश जैन को कार में डालकर नोएडा सेक्टर-92 स्थित कोठी में ले गए।
वहां बेहोशी की हालत में एक युवती के साथ उसकी आपत्तिजनक फोटो ले ली। जब उसे होश आया तो युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया। बाद में पुलिस में शिकायत करके समझौता हुआ और 16 लाख रुपये देकर रमेश जैन ने अपना पीछा छुड़वाया।
नोएडा, गुरुग्राम व छाता की खाक छानी पुलिस ने
एसआई ब्रह्म सिंह ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने रामबीर और उसके साथ पकड़ी गई महिला को रिमांड पर लेकर नोएडा की उस कोठी की जहां रमेश जैन को रखा गया था सर्च की। इसके अलावा गुरुग्राम में जहां वह युवती रह रही थी और मथुरा में रामबीर के गृहक्षेत्र में भी सर्च किया गया। पुलिस ने इनके ठिकानों से 40 हजार रुपये बरामद किए हैं।