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Faridabad News: 583 आरसीसी जर्सी बैरियर से गौंछी ड्रेन की सुरक्षा दीवार होगी मजबूत
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गौंछी ड्रेन की फाइल फोटो । मोहित शुक्ला की खबर के साथ ।
वैद्य रोड पुलिया से सोहना रोड तक दोनों किनारों को किया जाएगा सुरक्षित
70 दिन में काम पूरा करने का लक्ष्य
कचरा फेंकने के मामलों में भी आएगी कमी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र में लंबे समय से हादसों और सुरक्षा जोखिम का कारण बनी गौंछी ड्रेन अब सुरक्षित घेराबंदी के दायरे में आएगी। नगर निगम फरीदाबाद ने वैद्य रोड पुलिया से सोहना रोड तक ड्रेन के दोनों किनारों पर आरसीसी जर्सी बैरियर लगाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की परियोजना शुरू की है। शुरू होने के 70 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनआईटी, डबुआ, गौंछी और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरने वाली यह ड्रेन लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कई हिस्सों में ड्रेन के किनारे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों को रात के समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है जब जलभराव और फिसलन के कारण वाहन अनियंत्रित होकर ड्रेन के करीब पहुंच जाते हैं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार परियोजना के तहत कुल 583 आरसीसी जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे। प्रत्येक बैरियर लगभग तीन मीटर लंबा और 838 मिमी ऊंचा होगा। इन पर सिंथेटिक इनेमल पेंट की दो परतें चढ़ाई जाएंगी ताकि रात के समय भी ड्राइवरों को स्पष्ट विजिबिलिटी मिल सके। निगम का मानना है कि इससे ड्रेन किनारे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और अवैध कचरा फेंकने पर भी रोक लगेगी।
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फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में ड्रेन और नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। शहर में गौंछी ड्रेन, बादशाहपुर ड्रेन और आगरा नहर से सटे कई हिस्सों में पहले भी वाहन गिरने और लोगों के फिसलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एनआईटी क्षेत्र की सड़कें औद्योगिक और आवासीय इलाकों को जोड़ती हैं जिससे यहां दिनभर भारी यातायात बना रहता है। ऐसे में ड्रेन किनारों पर मजबूत बैरियर लगाने को स्थानीय स्तर पर जरूरी कदम माना जा रहा है।
लोगों को मिलेगा फायदा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रेन किनारों पर बैरियर लगने से खासकर रात के समय सुरक्षा बढ़ेगी। स्कूल बसों, दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेन के किनारे होने वाले अतिक्रमण और मलबा फेंकने की घटनाओं पर भी नियंत्रण लग सकेगा। फरीदाबाद में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और शहरी विस्तार के बीच निगम अब छोटी लेकिन सीधे जनसुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दे रहा है। गौंछी ड्रेन पर आरसीसी बैरियर लगाने की यह योजना उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
पहले भी हादसों का कारण बन चुकी है गौंछी ड्रेन
गौंछी ड्रेन एनआईटी क्षेत्र की सबसे व्यस्त जल निकासी लाइनों में शामिल है। यह डबुआ, गौंछी, पर्वतीय कॉलोनी और आसपास की कई घनी बस्तियों के बीच से गुजरती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह ड्रेन के किनारे लंबे समय से खुले पड़े हैं जबकि कुछ हिस्सों में पुराने बैरियर टूट चुके हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट कम होने और तेज रफ्तार वाहनों के कारण यहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बरसात में जलभराव बढ़ने पर ड्रेन और सड़क का अंतर साफ दिखाई नहीं देता जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी लंबे समय से यहां मजबूत सुरक्षा घेराबंदी की मांग कर रहे थे।
कचरा फेंकने वालों पर भी लगेगी रोक
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि आरसीसी जर्सी बैरियर लगने के बाद ड्रेन किनारे होने वाली गंदगी और अवैध डंपिंग पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। अभी कई स्थानों पर लोग निर्माण मलबा, घरेलू कचरा और प्लास्टिक ड्रेन किनारे फेंक देते हैं, जिससे बरसात के दौरान पानी निकासी प्रभावित होती है। निगम को हर मानसून में ड्रेन सफाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। बैरियर लगने से बड़े वाहनों और रेहड़ियों की ड्रेन तक सीधी पहुंच सीमित होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे जलभराव की समस्या कम करने और शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिलेगी।
लोगों की सुरक्षा को लेकर निगम गंभीरता से काम कर रहा है। इस परियोजना का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त
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70 दिन में काम पूरा करने का लक्ष्य
कचरा फेंकने के मामलों में भी आएगी कमी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र में लंबे समय से हादसों और सुरक्षा जोखिम का कारण बनी गौंछी ड्रेन अब सुरक्षित घेराबंदी के दायरे में आएगी। नगर निगम फरीदाबाद ने वैद्य रोड पुलिया से सोहना रोड तक ड्रेन के दोनों किनारों पर आरसीसी जर्सी बैरियर लगाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की परियोजना शुरू की है। शुरू होने के 70 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनआईटी, डबुआ, गौंछी और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरने वाली यह ड्रेन लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कई हिस्सों में ड्रेन के किनारे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों को रात के समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है जब जलभराव और फिसलन के कारण वाहन अनियंत्रित होकर ड्रेन के करीब पहुंच जाते हैं।
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नगर निगम अधिकारियों के अनुसार परियोजना के तहत कुल 583 आरसीसी जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे। प्रत्येक बैरियर लगभग तीन मीटर लंबा और 838 मिमी ऊंचा होगा। इन पर सिंथेटिक इनेमल पेंट की दो परतें चढ़ाई जाएंगी ताकि रात के समय भी ड्राइवरों को स्पष्ट विजिबिलिटी मिल सके। निगम का मानना है कि इससे ड्रेन किनारे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और अवैध कचरा फेंकने पर भी रोक लगेगी।
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फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में ड्रेन और नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। शहर में गौंछी ड्रेन, बादशाहपुर ड्रेन और आगरा नहर से सटे कई हिस्सों में पहले भी वाहन गिरने और लोगों के फिसलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एनआईटी क्षेत्र की सड़कें औद्योगिक और आवासीय इलाकों को जोड़ती हैं जिससे यहां दिनभर भारी यातायात बना रहता है। ऐसे में ड्रेन किनारों पर मजबूत बैरियर लगाने को स्थानीय स्तर पर जरूरी कदम माना जा रहा है।
लोगों को मिलेगा फायदा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रेन किनारों पर बैरियर लगने से खासकर रात के समय सुरक्षा बढ़ेगी। स्कूल बसों, दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ड्रेन के किनारे होने वाले अतिक्रमण और मलबा फेंकने की घटनाओं पर भी नियंत्रण लग सकेगा। फरीदाबाद में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और शहरी विस्तार के बीच निगम अब छोटी लेकिन सीधे जनसुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दे रहा है। गौंछी ड्रेन पर आरसीसी बैरियर लगाने की यह योजना उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
पहले भी हादसों का कारण बन चुकी है गौंछी ड्रेन
गौंछी ड्रेन एनआईटी क्षेत्र की सबसे व्यस्त जल निकासी लाइनों में शामिल है। यह डबुआ, गौंछी, पर्वतीय कॉलोनी और आसपास की कई घनी बस्तियों के बीच से गुजरती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह ड्रेन के किनारे लंबे समय से खुले पड़े हैं जबकि कुछ हिस्सों में पुराने बैरियर टूट चुके हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट कम होने और तेज रफ्तार वाहनों के कारण यहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बरसात में जलभराव बढ़ने पर ड्रेन और सड़क का अंतर साफ दिखाई नहीं देता जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी लंबे समय से यहां मजबूत सुरक्षा घेराबंदी की मांग कर रहे थे।
कचरा फेंकने वालों पर भी लगेगी रोक
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि आरसीसी जर्सी बैरियर लगने के बाद ड्रेन किनारे होने वाली गंदगी और अवैध डंपिंग पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। अभी कई स्थानों पर लोग निर्माण मलबा, घरेलू कचरा और प्लास्टिक ड्रेन किनारे फेंक देते हैं, जिससे बरसात के दौरान पानी निकासी प्रभावित होती है। निगम को हर मानसून में ड्रेन सफाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। बैरियर लगने से बड़े वाहनों और रेहड़ियों की ड्रेन तक सीधी पहुंच सीमित होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे जलभराव की समस्या कम करने और शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिलेगी।
लोगों की सुरक्षा को लेकर निगम गंभीरता से काम कर रहा है। इस परियोजना का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त