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तीन दिन में 58 एमएम बारिश, तोड़ा आठ साल का रिकार्ड, नेशनल हाईवे और अन्य जगहों पर जलभराव से लोगों की बढ़ी परेशानी
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फरीदाबाद बाटा चौक राष्ट्रीय राजमार्ग पर भरा बरसात का पानी ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। नए साल की पहली बारिश ने बीते आठ साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते बुधवार से शनिवार तक 58 एमएम बारिश हुई है। जो जनवरी 2014 में हुई बारिश (55 एमएम) से भी अधिक है। नेशनल हाईवे पर जलभराव ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। साथ ही सेक्टर-91 समेत अन्य जगहों पर भी जलभराव से लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्याय के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि जनवरी महीने में हर साल बारिश की संभावना बनती है। इस बार ईरान, ईराक में बने इस बार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश पर भी देखने को मिला। इससे फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में कई सालों बाद इतनी बारिश हुई है।
मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि सोमवार से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर कम होने लगेगा। इससे मौसम साफ होगा और हवा की दिशा भी बदलेगी। सोमवार से उत्तर-पश्चिमी हवा चलेगी। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास होगा। हालांकि अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से दिन में लोगों को राहत मिलेगी। विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि बारिश से रबी फसल को काफी फायदा हुआ है। इस समय गेहूं, सरसों आदि के फसल में पानी दिया जाता है। बारिश से फसलों में पानी की कमी की पूर्ति हो गई है। सब्जी की खेती को थोड़ा-बहुत नुकसान जरूर पहुंचा है।
पांच सालों में हुई बारिश
साल बारिश
2014- 55
2015- 19
2019- 30.3
2020-20
2021-22.25
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मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि सोमवार से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर कम होने लगेगा। इससे मौसम साफ होगा और हवा की दिशा भी बदलेगी। सोमवार से उत्तर-पश्चिमी हवा चलेगी। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास होगा। हालांकि अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से दिन में लोगों को राहत मिलेगी। विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि बारिश से रबी फसल को काफी फायदा हुआ है। इस समय गेहूं, सरसों आदि के फसल में पानी दिया जाता है। बारिश से फसलों में पानी की कमी की पूर्ति हो गई है। सब्जी की खेती को थोड़ा-बहुत नुकसान जरूर पहुंचा है।
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पांच सालों में हुई बारिश
साल बारिश
2014- 55
2015- 19
2019- 30.3
2020-20
2021-22.25