फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   मटन रोगन जोश या तंदूरी चिकन...यहां सब वेज है

मटन रोगन जोश या तंदूरी चिकन...यहां सब वेज है

Tue, 05 Feb 2019 10:54 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 05 Feb 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
मटन रोगन जोश या तंदूरी चिकन...यहां सब वेज है
सूरजकुंड मेला - फोटो : अमर उजाला

फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में स्थित फूड कोर्ट में एक स्टॉल ऐसा भी है, जहां शुद्ध शाकाहारी खाने के माध्यम से तंदूरी चिकन और मटन रोगन जोश जैसे मांसाहारी भोजन का स्वाद लिया जा सकता है। वेजले नामक इस स्टॉल के संचालक जैनुअल अली बताते हैं कि देश में शाकाहार को बढ़ाने के उद्देश्य से ही उन्होंने सोया फूड व्यंजनों की शुरुआत की है।

विज्ञापन


मेले में पहुंच रहे दर्शकों को यह स्टाल खूब भा रहा है। इसमें तैयार खाद्य सामान के साथ ही कच्चा माल भी बेचा जा रहा है। सोया से इस प्रकार खाद्य सामान तैयार किया गया है कि वह स्वाद में पूरी तरह से मांसाहार जैसा ही लगता है।
विज्ञापन


इन व्यंजनों में सोया शामी कबाब, सोया सीक कबाब, चॉप स्टिक, सोया कटलेट, सोया चिक्का रोगनजोश, सोया स्लाइस, सोया लैगपीस, सोया समोसा, हरियाली टिक्का, मसाला टिक्का को दर्शक चटखारे लेकर खा रहे हैं। इसके अलावा रेडी टू कुक में सोया नूडल्स, वेज मीट, इंडी चॉप और सोया चिक्का आदि उत्पाद भी लोगों को खूब भा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोहे के पतरे से बनी कलाकृतियां कर रही आकर्षित
सूरजकुंड मेले में लोहे के पतरे से बनी कलाकृतियां दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। मेला परिसर में चौपाल के सामने स्टॉल नंबर 212 पर नागपुर, महाराष्ट्र से आए शिल्पकार धीरज कुमार ने बताया कि इन कलाकृतियों को वे हाथ से तैयार करते हैं। पहले जो भी कलाकृति बनानी होती है, उसकी ड्राइंग तैयार कर उसके अलग-अलग हिस्से तैयार किए जाते हैं। उन हिस्सों को जोड़कर फिर उस पर हाथ से कलाकारी की जाती है और फिर उस पर चमकीले रंग किए जाते हैं। धीरज के अनुसार एक कलाकृति को तैयार करने में कम से कम दो दिन लग जाते हैं।


पीतल की मूर्तियों का दर्शकों पर चढ़ा खुमार
मेले में पीतल की मूर्तियों का भी दर्शकों पर खुमार चढ़ा हुआ है। मेला परिसर में राजस्थान पर्यटन निगम के सूचना केंद्र के सामने जामा मस्जिद, दिल्ली से आए ब्रास हैंडीक्राफ्ट कारीगर सुरेंद्र की कृला कृतियां दूर से ही दर्शकों को अपनी ओर खींच लेती हैं। पीतल की बनी भगवान गणेश, नटराज, कामधेनु की मूर्तियां काफी आकर्षक हैं। इसके अलावा पीतल के बने शंख, वॉल हैंगिंग, शतरंज सहित अन्य सजावटी सामान लोगों को पसंद आ रहा है। सुरेंद्र ने बताया कि इन कलाकृतियों को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है, इसलिए ये थोड़ी महंगी हैं। कई दर्शक तो ऐसे आते हैं, जो उनकी मेहनत की कद्र करते हैं और सही दाम देते हैं। मगर अधिकांश लोग मोलभाव करते हैं और बहुत कम दाम बताते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed