{"_id":"699b4e1da25647dbac0ef1d7","slug":"50-posts-vacant-in-diet-for-a-long-time-training-activities-are-getting-affected-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-63510-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: डायट में लंबे समय से 50 पद खाली, प्रशिक्षण गतिविधियां हो रहीं प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: डायट में लंबे समय से 50 पद खाली, प्रशिक्षण गतिविधियां हो रहीं प्रभावित
विज्ञापन
केवल दो प्रवक्ता ही पूरा कार्य संभाल रहे
सूरज कुमार
फरीदाबाद। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पाली में लंबे समय से कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। संस्थान में 50 पद रिक्त होने के कारण केवल दो प्रवक्ता ही पूरा कार्य संभाल रहे हैं। इससे न केवल प्रशिक्षण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि विद्यालयों में संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार डायट में 42 प्रवक्ता, सात वरिष्ठ प्रवक्ता और एक प्राचार्य का पद लंबे समय से खाली है। इन पदों पर नियुक्ति न होने के कारण शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक योजना निर्माण और विद्यार्थियों से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डायट में सात अलग-अलग विंग कार्यरत हैं, जिनकी जिम्मेदारी अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने की होती है।
इन विंग के माध्यम से युवा ग्राम पंचायत, युवा संसद, निपुण मिशन के तहत सर्वे और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और दिशा जैसे कार्यक्रमों की निगरानी भी डायट की जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की कमी के कारण इन सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
वर्तमान में इतिहास के प्रवक्ता जलवंत सिंह और जीव विज्ञान की प्रवक्ता सुषमा ही संस्थान में नियमित रूप से कार्यरत हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों कार्यकारी प्राचार्य के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे हैं। डायट के इंचार्ज जलवंत सिंह ने बताया कि पहले यहां जेबीटी कोर्स भी संचालित किए जाते थे, लेकिन अब कोर्स बंद कर दिए गए हैं।
मोबाइल नेटवर्क भी बड़ी दिक्कत
भौगोलिक स्थिति भी संस्थान के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। फरीदाबाद शहर से पाली करीब 10 किलोमीटर दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधन सीमित हैं। इसके अलावा क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की कमजोर स्थिति के कारण ऑनलाइन कार्य और समन्वय में भी दिक्कतें आती हैं।
कर्मचारियों की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते डायट की शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई तो प्रशिक्षण और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
वर्जन-- -
संस्थान में मानव संसाधन की कमी के कारण अन्य कर्मचारियों को परेशानी होती है, हालांकि शिक्षा विभाग को रिक्त पदों की जानकारी है।-- बसंत कुमार ढिल्लों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
सूरज कुमार
फरीदाबाद। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पाली में लंबे समय से कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। संस्थान में 50 पद रिक्त होने के कारण केवल दो प्रवक्ता ही पूरा कार्य संभाल रहे हैं। इससे न केवल प्रशिक्षण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि विद्यालयों में संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार डायट में 42 प्रवक्ता, सात वरिष्ठ प्रवक्ता और एक प्राचार्य का पद लंबे समय से खाली है। इन पदों पर नियुक्ति न होने के कारण शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक योजना निर्माण और विद्यार्थियों से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डायट में सात अलग-अलग विंग कार्यरत हैं, जिनकी जिम्मेदारी अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने की होती है।
विज्ञापन
इन विंग के माध्यम से युवा ग्राम पंचायत, युवा संसद, निपुण मिशन के तहत सर्वे और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और दिशा जैसे कार्यक्रमों की निगरानी भी डायट की जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की कमी के कारण इन सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा करना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
वर्तमान में इतिहास के प्रवक्ता जलवंत सिंह और जीव विज्ञान की प्रवक्ता सुषमा ही संस्थान में नियमित रूप से कार्यरत हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों कार्यकारी प्राचार्य के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे हैं। डायट के इंचार्ज जलवंत सिंह ने बताया कि पहले यहां जेबीटी कोर्स भी संचालित किए जाते थे, लेकिन अब कोर्स बंद कर दिए गए हैं।
मोबाइल नेटवर्क भी बड़ी दिक्कत
भौगोलिक स्थिति भी संस्थान के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। फरीदाबाद शहर से पाली करीब 10 किलोमीटर दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधन सीमित हैं। इसके अलावा क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की कमजोर स्थिति के कारण ऑनलाइन कार्य और समन्वय में भी दिक्कतें आती हैं।
कर्मचारियों की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते डायट की शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई तो प्रशिक्षण और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
वर्जन
संस्थान में मानव संसाधन की कमी के कारण अन्य कर्मचारियों को परेशानी होती है, हालांकि शिक्षा विभाग को रिक्त पदों की जानकारी है।