पांच करोड़ की गड़बड़ी: CM फ्लाइंग को नहीं मिली फाइलें, निगम को भेजा रिमाइंडर, मामले की जांच करना चाहती है टीम
सीएम फ्लाइंग ने करीब 15 दिन पहले नगर निगम से परियोजना संबंधी फाइलों को मांगा था। सरकारी एजेंसी पूरे मामले की छानबीन करना चाहती है ताकि संलिप्त इंजीनियरों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
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ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में पानी की पाइप डालने में हुई पांच करोड़ रुपये की गड़बड़ी मामले में सीएम फ्लाइंग ने नगर निगम को रिमाइंडर भेजा है। सीएम फ्लाइंग ने करीब 15 दिन पहले नगर निगम से परियोजना संबंधी फाइलों को मांगा था। सरकारी एजेंसी पूरे मामले की छानबीन करना चाहती है ताकि संलिप्त इंजीनियरों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
शहर में सीवर और पानी को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत साल 2018 में पैसा दिया गया था। योजना के तहत ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में पेयजल की पाइपलाइन डालने का ठेका केबीआर शिल्पा जेवी को मिला था। एजेंसी ने पाइप डालने का काम शुरू किया था, लेकिन इसे बीच में ही बंद कर दिया गया था। बाद में निगम ने एक टीम बनाकर एजेंसी के कार्यों को मेजरमेंट कराया तो सामने आया कि कागजों में करीब 113 किमी लाइन डाली गई, जबकि, मौके पर 90 किमी है। निगम अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहा है। मामला सामने आने पर सीएम फ्लाइंग ने निगम से परियोजना की लागत, इस कार्य को देख रहे अभियंताओं का ब्योरा, एजेंसी को जारी किए गए रनिंग बिल समेत 10-11 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी थी। सीएम फ्लाइंग के अनुसार निगम ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर निगम को रिमाइंडर भेजा गया है।
दूसरे मामले में जांच में जुटी सीएम फ्लाइंग
एक अन्य विकास कार्यों में हुई गड़बड़ी की जांच सीएम फ्लाइंग से करनी शुरू कर दी है। पर्वतिया कॉलोनी में साल 2018 में करीब 42 लाख रुपये से गली बनाने का ठेका दिया गया था। इससे करीब 15 गलियों को आरएमसी से बनाया जाना था। आरोप है कि तय गलियों की जगह दूसरी को बना दिया गया। आरोप है कि 15 में से 14 गलियां अभी भी इंटरलॉकिंग टॉइल्स से बनी हुई हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन्हीं गलियों को बनाने के लिए दोबारा से टेंडर जारी कर दिया गया। शिकायतकर्ता रामसिंह ने पूरे मामले में शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। इस पर नगर निगम ने अपने स्तर पर मामले की जांच कराई है। कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम का कहना है कि जांच के लिए फाइल सीएम फ्लाइंग को भेज दी गई हैं।