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फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, लगातार बढ़ रहा यमुना का जलस्तर

Mon, 30 Jul 2018 06:32 PM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 06:32 PM IST
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फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, लगातार बढ़ रहा यमुना का जलस्तर

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6 हजार एकड़ फसल जलमग्न, बढ़ा बाढ़ का खतरा

फरीदाबाद। हथिनी कुंड से यमुना नदी में छोड़े गए करीब 5 लाख क्यूसेक पानी से औद्योगिक नगरी के खादर इलाके में करीब छह हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई। यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से बहाव क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। गांव वाले गृहस्थी और कीमती सामान की रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं तो प्रशासन भी बाढ़ से जान माल की सुरक्षा के लिए कमर कसे हुए है।
जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, बल्लभगढ़ की मोहना तहसील में 20 गांव और फरीदाबाद तहसील क्षेत्र में 20 गांव बाढ़ में बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर बल्लभगढ़ के यमुना खादर इलाके में आने वाले गांवों में शनिवार रात से ही गांव छांयसा, लतीफपुर, साहपुर खादर, दूल्हेपुर और चंादपुर आदि गांवों में नजर आने लगा था। बाढ़ में सबसे पहले यमुना नदी के बीच टापुओं पर और किनारे स्थित खेत डूबे। इन टापुओं पर किसान अपने खेत की हिफाजत और देखभाल के लिए रुके थे। बाढ़ आने पर इन लोगों का गांव से संपर्क टूट गया। हालांकि, एसएचओ छांयसा कुलदीप दहिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से रविवार सुबह इन लोगों को निकाल लिया गया।
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एसएचओ छांयसा कुलदीप दहिया ने बताया कि यमुना नदी के बीच बने टापुओं पर कुछ परिवार खेती करते हैं, यह परिवार खेतों में ही कच्ची झोपड़ी बना कर रहते हैं। रविवार सुबह गांव के पप्पू ने बताया कि टापू में 25-30 लोग फंसे हैं। इस पर वह नाव और टीम लेकर मौके पर पहुंचे। यमुना नदी के बीच फंसे 30 लोगों को उनकी टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। सुरक्षित बाहर आए किसानों का कहना था कि बाढ़ आने से क्षेत्र में करीब 6000 एकड़ धान, बाजरा और ज्वार की खेती जलमग्न हो गई है, अभी लगभग 60 फीसदी खेती का नुकसान हुआ है। यदि पानी लगातार बढ़ता रहा तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।
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लोगों का दर्द
यमुना का पानी ऊपर आता जा रहा है हमारे खेत तो डूब ही गया, ज्वार, बाजरा और धान की साठ प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। डर है कि कहीं पानी लतीफपुर गांव को ही चपेट मेें न ले ले। प्रदीप किसान, निवासी गांव लतीफपुर निवासी

प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। बाढ़ की स्थिति में गांव वालों को पनाह देने के लिए सुरक्षित स्थान के साथ खाने पीने का भी इंतजाम कर लिया गया है। गांव गांव जाकर लोगों को बाढ़ के प्रति सचेत भी किया जा रहा है।
- ताराचंद भाटी, सरपंच लतीफपुर खादर

पानी लगातार बढ़ रहा है गांव का घर तो नहीं छोड़ सकता लेकिन परिवार को रिश्तेदारी में भेज दिया है, घर का कीमती सामान भी सुरक्षित कर लिया है, हालात ठीक होने पर परिवार को वापस बुला लूंगा।

- कुलदीप, गांव छांयसा

यमुना नदी किनारे रहने वाले सभी गांवों में मुनादी करवा सभी को अलर्ट रहने की सलाह दी है, जिला प्रशासन भी लगातार स्थिति नजर बनाए हुए है, प्रभावित क्षेत्र में दो तहसीलदारों 32 पुलिसकर्मियों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- पूजा शर्मा, बीडीपीओ बल्लभगढ़
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