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41 हजार संपत्ति आईडी परिवार पहचान पत्र से लिंक
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फरीदाबाद। नगर निगम की टीमों ने शनिवार तक करीब 41 हजार प्रॉपर्टी (संपत्ति) आईडी को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से लिंक कर दिया है। निगम क्षेत्र में नए सर्वे के अनुसार, करीब 5.5 लाख संपत्ति आईडी है।
नगर निगम की क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय) सुनीता कुमारी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए टीमें घर-घर जाकर जानकारी ले रही हैं। अधिकारी के अनुसार, शनिवार तक करीब 41 हजार प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से लिंक किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि याशी कंपनी के कर्मचारियों के साथ ही निगम की टीम घर-घर जाकर पीपीपी समेत अन्य जानकारी ले रही है। सुनीता कुमारी ने लोगों से पीपीपी समेत अन्य जानकारी निगम टीम को उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि समय से कार्य पूरा हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए आरडब्ल्यूए समेत अन्य का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके लिए जोन स्तर पर टीमों को लगाया गया है। साथ ही वार्ड स्तर पर अलग से कर्मचारियों को लगाया गया है।
प्रदेश सरकार ने याशी कंपनी से नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी का नए सिरे से सर्वे कराया है। पहले निगम क्षेत्र में करीब 2.8 लाख संपत्तियां थीं, जो नए सर्वे में 5.5 लाख संपत्तियां हो गई हैं। नए सर्वे में काफी खामियां हैं। जैसे प्रॉपर्टी मालिक का नाम, क्षेत्र का नाम और प्रॉपर्टी की साइज समेत अन्य हैं। याशी द्वारा सभी भवन मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स का दोबारा मूल्यांकन नोटिस दिया जा रहा है, जिससे प्रॉपर्टी आईडी की गलतियों को दूर किया जा सके। इसी के साथ निगम की टीम भी लगी हुई हैं। हालांकि कुछ लोग दोनों को एक साथ जुड़वाने से कतरा रहे हैं।
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नगर निगम की क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय) सुनीता कुमारी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए टीमें घर-घर जाकर जानकारी ले रही हैं। अधिकारी के अनुसार, शनिवार तक करीब 41 हजार प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से लिंक किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि याशी कंपनी के कर्मचारियों के साथ ही निगम की टीम घर-घर जाकर पीपीपी समेत अन्य जानकारी ले रही है। सुनीता कुमारी ने लोगों से पीपीपी समेत अन्य जानकारी निगम टीम को उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि समय से कार्य पूरा हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए आरडब्ल्यूए समेत अन्य का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके लिए जोन स्तर पर टीमों को लगाया गया है। साथ ही वार्ड स्तर पर अलग से कर्मचारियों को लगाया गया है।
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प्रदेश सरकार ने याशी कंपनी से नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी का नए सिरे से सर्वे कराया है। पहले निगम क्षेत्र में करीब 2.8 लाख संपत्तियां थीं, जो नए सर्वे में 5.5 लाख संपत्तियां हो गई हैं। नए सर्वे में काफी खामियां हैं। जैसे प्रॉपर्टी मालिक का नाम, क्षेत्र का नाम और प्रॉपर्टी की साइज समेत अन्य हैं। याशी द्वारा सभी भवन मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स का दोबारा मूल्यांकन नोटिस दिया जा रहा है, जिससे प्रॉपर्टी आईडी की गलतियों को दूर किया जा सके। इसी के साथ निगम की टीम भी लगी हुई हैं। हालांकि कुछ लोग दोनों को एक साथ जुड़वाने से कतरा रहे हैं।
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