फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   4 accused arrested in Manoj Bhati murder case

मनोज भाटी हत्याकांड में 4 आरोपी गिरफ्तार

Fri, 25 Dec 2020 10:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2020 10:47 PM IST
विज्ञापन
4 accused arrested in Manoj Bhati murder case
मनोज भाटी हत्याकांड में 4 आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन

फरीदाबाद। गांव अमीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनोज भाटी की हत्या के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-30 ने 4 आरोपियों को काबू कर लिया है। आरोपियों की पहचान गांव मांगर निवासी अशोक उर्फ पाटिल, नंगला एंक्लेव निवासी विकास हरसाना, आयानगर दिल्ली निवासी सोनू और गांव अनंगपुर निवासी धर्मेंद्र के रूप में हुई है। बीते बुधवार को दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर मनोज भाटी की हत्या की गई थी।
पुलिस के अनुसार हत्याकांड के दिन आरोपी विकास हत्या में इस्तेमाल की गई कोरोला कार चला रहा था जबकि अशोक फार्च्यूनर कार में मनोज मांगरिया के साथ मौजूद था। दोनों ने मनोज भाटी पर गोलियां बरसाई थीं। हत्या में इस्तेमाल पुरानी कोरोला कार सोनू की है, जो उसने 15 दिन पहले एक व्यक्ति से वारदात के लिए ही खरीदी थी। आरोपी धर्मेंद्र ने सभी शूटरों के खाने पीने व ठहरने का इंतजाम किया। धर्मेंद्र ही भाटी की रैकी भी कर रहा था। कुछ दिनों पहले ग्रीन फील्ड से पकड़े गए हिटलर गैंग के शूटरों के रुकने का इंतजाम भी धर्मेंद्र ने ही किया था। वह शूटरों को मनोज भाटी के आने-जाने व शहर के मुख्य रास्तों के बारे में जानकारी देता था। क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि मनोज भाटी की हत्या की साजिश मनोज मांगरिया ने रची थी। उसने भी भाटी पर गोलियां बरसाई थीं। मनोज मांगरिया फिलहाल पेरोल पर जेल से बाहर है जो दो दिन बाद ही खत्म होने वाली है।
विज्ञापन

बंधवाड़ी प्लांट का ठेका बना हत्या का कारण
पुलिस उपायुक्त (अपराध) मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि 25 सितंबर को बंधवाड़ी कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट पर मनोज मांगरिया और पवन हरसाना गुट के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों तरफ से गोलियां चलीं और तीन लोग घायल हुए थे। झगड़े के बाद से पवन व मांगरिया एक दूसरे को मारना चाहते थे। भाटी इस पूरे मामले में सक्रियता दिखा रहा था। मांगरिया को भाटी की दखलंदाजी पसंद नहीं आ रही थी। भाटी ने मांगरिया के खिलाफ कुछ बातें भी कही थीं जो मांगरिया को पता लग गईं थी। इसलिए भाटी की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि वारदात में 10 से 12 लोग शामिल हो सकते हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस को चकमा देने की योजना थी
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने की पूरी योजना थी। आरोपियों को पता था कि एक ही तरफ भागने पर वह जल्द काबू में आ सकते हैं। इसलिए दोनों गाड़ियों को अलग-अलग दिशा में दौड़ाया गया। मनोज मांगरिया दो-तीन शूटरों के साथ तिगांव की तरफ भागा जबकि पकड़े गए आरोपी सूरजकुंड रोड की तरफ। पुलिस ने हर जगह नाकाबंदी कर रखी थी लेकिन आरोपी अरावली में पहले से बना रखे ठिकाने में जा छिपे। बदमाशों ने अरावली में अनंगपुर क्षेत्र में खूनी झील के पास छिपने के लिए झोंपड़ीनुमा ठिकाना बनाया था। दिनभर वे भाटी की रैकी करते और रात में इसी ठिकाने पर ठहरते थे। कोरोला कार उन्होंने तिगांव में छोड़ दी और अरावली के गुप्त ठिकाने पर पहुंच गए।

शूटरों से पूछताछ के बाद मिली सफलता
अपराध शाखा प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि 3 दिसंबर को एक अन्य मामले में मनोज मांगरिया के तीन शूटरों को पकड़ा था। उनसे पूछताछ के बाद मनोज भाटी हत्याकांड के आरोपियों के ठिकाने का पता लगाकर उन्हें दबोचा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed