कहीं रफ्तार, कहीं गलत दिशा: फरीदाबाद में आठ महीने में 250 मौतें, दिल्ली-आगरा हाईवे सबसे खतरनाक
राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2026 में अब तक 110 हादसे दर्ज हुए हैं। इनमें 57 हादसे घातक रहे और 62 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा 66 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 21 लोगों को मामूली चोट आई।
विस्तार
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बीते आठ माह में सड़क हादसों में 250 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सबसे ज्यादा 110 हादसे दिल्ली-आगरा हाईवे पर हुए हैं। इनमें 62 लोगों की मौत हुई है। वहीं इसके बाद शहर से गुजर रहे दो एक्सप्रेसवे पर 22 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली-आगरा हाईवे सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हुआ है।
दूसरे नंबर पर है केजीपी एक्सप्रेसवे
दिल्ली-आगरा हाईवे के बाद केजीपी एक्सप्रेसवे और डीएनडी एक्सप्रेसवे पर 46 हादसे पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं। जिनमें 22 लोगों की जान गई। प्रमुख जिला मार्गों पर 73 हादसों में 33 मौतें और अन्य जिला सड़कों पर 60 हादसों में 32 लोगों की मौत हुई। स्थानीय सड़कों पर हादसों की संख्या 121 रही और इनमें 50 लोगों की जान गई। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों से पता चलता है कि केवल हाईवे औैर एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि फरीदाबाद की अंदरूनी सड़कें भी सड़क सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सबसे ज्यादा मौतें
राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2026 में अब तक 110 हादसे दर्ज हुए हैं। इनमें 57 हादसे घातक रहे और 62 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा 66 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 21 लोगों को मामूली चोट आई। उपलब्ध आंकड़ों में राष्ट्रीय राजमार्ग हादसों में मृतकों की संख्या सबसे अधिक है।
एक्सप्रेसवे पर 22 ने गंवाई जान
एक्सप्रेसवे पर 46 हादसे हुए। इनमें 22 हादसे घातक रहे और 22 लोगों की मौत हुई। 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 24 को मामूली चोट आई। एक्सप्रेसवे पर कुल हादसों की संख्या राष्ट्रीय राजमार्ग से कम है, लेकिन तेज रफ्तार के कारण हादसों की गंभीरता बनी हुई है।
स्थानीय सड़कों पर भी खतरा
स्थानीय सड़कों पर हादसों की संख्या प्रमुख हाईवे से ज्यादा रही। यहां 121 हादसों में 50 लोगों की मौत हुई। 73 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 22 को मामूली चोट आई। इससे स्पष्ट है कि सड़क सुरक्षा की चुनौती केवल हाईवे तक सीमित नहीं है।
अन्य जिला मार्गों पर 32 मौतें
अन्य जिला सड़कों पर 60 हादसे हुए। इनमें 30 घातक हादसे रहे और 32 लोगों की मौत हुई। इन सड़कों पर पांच पशुओं की मौत और चार के घायल होने का भी आंकड़ा दर्ज है।
ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। हाईवे पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए भी कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। -अनोज कुमार, एसएचओ, ट्रैफिक थाना
सबसे ज्यादा मौतें किस सड़क पर
राष्ट्रीय राजमार्ग - 62 मौतें
स्थानीय सड़क - 50 मौतें
प्रमुख जिला मार्ग - 33 मौतें
अन्य जिला मार्ग - 32 मौतें
एक्सप्रेसवे - 22 मौतें
गांव की सड़क - 25 मौतें
स्टेट हाईवे - 7 मौतें
हादसे की पांच वजह
-तेज रफ्तार की वजह से हादसे हो रहे
-रात में वाहनों की रफ्तार पर अंकुश के लिए व्यवस्था नहीं
-रात में वाहन चालकों द्वारा नशे में वाहन चलाना
-पैदल राहगीरों द्वारा हाईवे पार करना
-गलत दिशा में वाहन चलाना