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जिले में 25 अवैध निर्माणों की होगी जांच
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फरीदाबाद। अवैध निर्माणों को लेकर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में आयुक्त यशपाल यादव, संयुक्त आयुक्त प्रशांत अटकान और शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक शामिल है। एसआईटी ने अपनी कार्रवाई से ही शुरू कर दी है।
शहर में जगह-जगह अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखकर इमारतें बनाई जा रही है। हाल में संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में निगम अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग का अभियान चलाया था।
अभियान में 30 से अधिक अवैध निर्माण को सील गया था। प्रदेश सरकार के पास 25 अवैध निर्माण की शिकायत पहुंची है। यह सभी निर्माण काफी पुराने हैं। अब सरकार ने एसआईटी गठित करते हुए आदेश दिया है कि निर्माण के समय कौन से एसडीओ, कार्यकारी अभियंता और एसएचओ नियुक्त थे। उन सभी का नाम रिपोर्ट में शामिल किया जाए। यह रिपोर्ट 30 दिन के भीतर सरकार के पास भेजी जाए।
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अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे अवैध निर्माण
निगम अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से शहर में अवैध निर्माण हो जाते हैं। इन निर्माणों पर समय रहते हुए ध्यान नहीं दिया जाता है। निर्माण से नगर निगम के नियमों को ताक पर रखा जाता है। इसके अलावा राज्य सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जाता है। आदेश आते ही एसआईटी जांच में जुटी प्रदेश सरकार की ओर से आदेश की कापी जारी होती ही एसआईटी टीम काम में जुट गई। संयुक्त आयुक्त की ओर से किस समय में 25 अवैध निर्माण किए गए। इसकी जांच की जा रही है। वही उस समय कौन से अधिक नियुक्त थे।
अवैध निर्माण की जांच के लिए सरकार की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी अधिकारियों की रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
- प्रशांत अटकान, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, एनआईटी जोन
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शहर में जगह-जगह अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखकर इमारतें बनाई जा रही है। हाल में संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में निगम अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग का अभियान चलाया था।
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अभियान में 30 से अधिक अवैध निर्माण को सील गया था। प्रदेश सरकार के पास 25 अवैध निर्माण की शिकायत पहुंची है। यह सभी निर्माण काफी पुराने हैं। अब सरकार ने एसआईटी गठित करते हुए आदेश दिया है कि निर्माण के समय कौन से एसडीओ, कार्यकारी अभियंता और एसएचओ नियुक्त थे। उन सभी का नाम रिपोर्ट में शामिल किया जाए। यह रिपोर्ट 30 दिन के भीतर सरकार के पास भेजी जाए।
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अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे अवैध निर्माण
निगम अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से शहर में अवैध निर्माण हो जाते हैं। इन निर्माणों पर समय रहते हुए ध्यान नहीं दिया जाता है। निर्माण से नगर निगम के नियमों को ताक पर रखा जाता है। इसके अलावा राज्य सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जाता है। आदेश आते ही एसआईटी जांच में जुटी प्रदेश सरकार की ओर से आदेश की कापी जारी होती ही एसआईटी टीम काम में जुट गई। संयुक्त आयुक्त की ओर से किस समय में 25 अवैध निर्माण किए गए। इसकी जांच की जा रही है। वही उस समय कौन से अधिक नियुक्त थे।
अवैध निर्माण की जांच के लिए सरकार की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी अधिकारियों की रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
- प्रशांत अटकान, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, एनआईटी जोन