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Faridabad News: फर्जी दस्तावेज से पलवल व नूंह के 22 लोगों ने लिया फसल बीमा मुआवजा
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जिले की जमीन के मालिक बनकर विभाग व बीमा कंपनी की मिलीभगत से किया फर्जीवाड़ा
- मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच के बाद हुआ खुलासा, केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद के नरहावली और मोठूका गांव के किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 22 लोगों ने फसल बीमा कराया और धान की फसल में नुकसान दिखाकर मुआवजा हासिल कर लिया। ये सभी 22 लोग पलवल व नूंह जिले के रहने वाले हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपियों ने 17 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक हड़प लिए। आरोप है कि कृषि विभाग व बीमा कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के निरीक्षक भगत सिंह की शिकायत पर सेंट्रल थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
टीम को सूचना मिली कि नरहावली व मोठूका गांव के किसानों की भूमि का फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। साथ ही नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर फसल बीमा करवाकर कृषि विभाग फरीदाबाद व संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर अनुचित लाभ प्राप्त लिया गया। उड़नदस्ता की टीम ने जांच करते हुए मुआवजा प्राप्त करने वाले किसानों की डिटेल कृषि विभाग व बीमा कंपनी से मांगी। रिकॉर्ड की जांच में ऐसे 22 लोगों के नाम सामने आए। इन्होंने तहसील नूंह के मोहम्मद इरफान नोटरी से सत्यापित फर्जी काश्तकार किसान प्रमाण पत्र तैयार कराकर लाभ उठाया।
गांव नरहावली व मोठूका के असल किसानों से उड़नदस्ता टीम ने बात की तो पता चला कि उन्होंने अपनी जमीन पर या तो खुद खेती की या फिर परिचित को पट्टे पर दिया हुआ था। वे पलवल या नूंह जिले के इन लोगों में से किसी को नहीं जानते और न ही उन्हें अपनी जमीन पट्टे पर दी थी।
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- मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच के बाद हुआ खुलासा, केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद के नरहावली और मोठूका गांव के किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 22 लोगों ने फसल बीमा कराया और धान की फसल में नुकसान दिखाकर मुआवजा हासिल कर लिया। ये सभी 22 लोग पलवल व नूंह जिले के रहने वाले हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपियों ने 17 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक हड़प लिए। आरोप है कि कृषि विभाग व बीमा कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के निरीक्षक भगत सिंह की शिकायत पर सेंट्रल थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
टीम को सूचना मिली कि नरहावली व मोठूका गांव के किसानों की भूमि का फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। साथ ही नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर फसल बीमा करवाकर कृषि विभाग फरीदाबाद व संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर अनुचित लाभ प्राप्त लिया गया। उड़नदस्ता की टीम ने जांच करते हुए मुआवजा प्राप्त करने वाले किसानों की डिटेल कृषि विभाग व बीमा कंपनी से मांगी। रिकॉर्ड की जांच में ऐसे 22 लोगों के नाम सामने आए। इन्होंने तहसील नूंह के मोहम्मद इरफान नोटरी से सत्यापित फर्जी काश्तकार किसान प्रमाण पत्र तैयार कराकर लाभ उठाया।
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गांव नरहावली व मोठूका के असल किसानों से उड़नदस्ता टीम ने बात की तो पता चला कि उन्होंने अपनी जमीन पर या तो खुद खेती की या फिर परिचित को पट्टे पर दिया हुआ था। वे पलवल या नूंह जिले के इन लोगों में से किसी को नहीं जानते और न ही उन्हें अपनी जमीन पट्टे पर दी थी।
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