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मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर धरने के खिलाफ एफआईआर हुई, गिरफ्तारी टली
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:16 PM IST
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एफआईआर के बाद भी बहुउद्देशीय
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की हड़ताल के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के बाद भी शुक्रवार को धरना जारी रहा। माना जा रहा था कि पुलिस धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सकती है। धरना स्थल पर काफी संख्या में पुलिस बल पहुंचा भी, मगर गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं हो सकी। उधर, सूत्रों की माने तो पुलिस ने धरनारत कर्मचारियों को एक दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अपनी विभिन्न मांगों के लिए पिछले सप्ताह से ही धरने पर बैठे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ बृहस्पतिवार देर शाम ही एस्मा और धारा-144 के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। धरनारत कार्यकर्ताओं को इस एफआईआर की जानकारी हुई तो शुक्रवार को सभी धरनास्थल पर पहुंचे और नारेबाजी की। लगातार 11 दिन से धरना स्थल बने सिविल अस्पताल परिसर से धरना उठाकर नगर निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।
मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर एसोसिएशन जिला प्रधान जितेंद्र मोर ने कहा कि धरना लगातार जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन की दमनकारी नीति से धरना नहीं टलेगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम एसोसिएशन के खिलाफ एस्मा उल्लंघन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई। इसके चलते शुक्रवार को गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा लेकिन बड़ी संख्या में महिला समर्थकों को देखते हुए पुलिस ने किसी स्वास्थ्य कर्मी की गिरफ्तारी नहीं की। उधर, सूत्रों की मानें तो पुलिस ने एक दिन अतिरिक्त समय देते हुए धरना खत्म करने की चेतावनी एसोसिएशन को दी है। शनिवार तक धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करने पर पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।
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विगत 26 अगस्त से प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जिले के 125 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। कार्यकर्ताओं की सेवाओं को समाज हित में जरूरी बताते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर धरना खत्म करने के आदेश जारी कर दिए। इसके विरोध में मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर्स ने एस्मा की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मुंडन कराकर सरकारी नीतियों का बहिष्कार भी किया गया। एसोसिएशन की सचिव रजनी भाटिया का कहना है कि सरकार की दमनकारी नीतियों से एसोसिएशन कार्यकर्ता अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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एफआईआर के बाद भी बहुउद्देशीय
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की हड़ताल के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के बाद भी शुक्रवार को धरना जारी रहा। माना जा रहा था कि पुलिस धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सकती है। धरना स्थल पर काफी संख्या में पुलिस बल पहुंचा भी, मगर गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं हो सकी। उधर, सूत्रों की माने तो पुलिस ने धरनारत कर्मचारियों को एक दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अपनी विभिन्न मांगों के लिए पिछले सप्ताह से ही धरने पर बैठे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ बृहस्पतिवार देर शाम ही एस्मा और धारा-144 के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। धरनारत कार्यकर्ताओं को इस एफआईआर की जानकारी हुई तो शुक्रवार को सभी धरनास्थल पर पहुंचे और नारेबाजी की। लगातार 11 दिन से धरना स्थल बने सिविल अस्पताल परिसर से धरना उठाकर नगर निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।
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मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर एसोसिएशन जिला प्रधान जितेंद्र मोर ने कहा कि धरना लगातार जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन की दमनकारी नीति से धरना नहीं टलेगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम एसोसिएशन के खिलाफ एस्मा उल्लंघन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई। इसके चलते शुक्रवार को गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा लेकिन बड़ी संख्या में महिला समर्थकों को देखते हुए पुलिस ने किसी स्वास्थ्य कर्मी की गिरफ्तारी नहीं की। उधर, सूत्रों की मानें तो पुलिस ने एक दिन अतिरिक्त समय देते हुए धरना खत्म करने की चेतावनी एसोसिएशन को दी है। शनिवार तक धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करने पर पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।
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विगत 26 अगस्त से प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जिले के 125 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। कार्यकर्ताओं की सेवाओं को समाज हित में जरूरी बताते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर धरना खत्म करने के आदेश जारी कर दिए। इसके विरोध में मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर्स ने एस्मा की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मुंडन कराकर सरकारी नीतियों का बहिष्कार भी किया गया। एसोसिएशन की सचिव रजनी भाटिया का कहना है कि सरकार की दमनकारी नीतियों से एसोसिएशन कार्यकर्ता अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।