{"_id":"67798812691c68cd2c0e3cdc","slug":"19-government-schools-of-the-district-will-be-equipped-with-modern-facilities-faridabad-news-c-26-1-del1005-35889-2025-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे जिले के 19 राजकीय स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे जिले के 19 राजकीय स्कूल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी के 19 राजकीय स्कूल बहुमंजिला होंगे। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस पर तकरीबन 46 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। इसमें कमरे, शौचालय, पानी की टंकी और विद्यार्थियों के बैठने के लिए आधुनिक डेस्क बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार स्कूलों पर 25 लाख से सात करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिले के स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
विभाग के अभियंता ने बताया कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को चुना गया है। जिले के 24 से अधिक स्कूलों की दशा खराब है। जिन स्कूलों में कमरे, शौचालय, टंकी की मरम्मत या रिपेयरिंग से लेकर चहारदीवारी का काम लंबित है, उन्हें पूरा करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, ड्यूल डेस्क भी मुहैया कराई जा रही हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए स्कूल: कुछ राजकीय स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। इन स्कूलों की पहचान कर उसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक स्कूल को न्यूनतम 25 लाख रुपये स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से मुहैया कराए जाएंगे। कार्यों की हरी झंडी देने का अधिकार जिला स्तर पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी के 19 राजकीय स्कूल बहुमंजिला होंगे। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस पर तकरीबन 46 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। इसमें कमरे, शौचालय, पानी की टंकी और विद्यार्थियों के बैठने के लिए आधुनिक डेस्क बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार स्कूलों पर 25 लाख से सात करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिले के स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
विभाग के अभियंता ने बताया कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को चुना गया है। जिले के 24 से अधिक स्कूलों की दशा खराब है। जिन स्कूलों में कमरे, शौचालय, टंकी की मरम्मत या रिपेयरिंग से लेकर चहारदीवारी का काम लंबित है, उन्हें पूरा करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, ड्यूल डेस्क भी मुहैया कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए स्कूल: कुछ राजकीय स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। इन स्कूलों की पहचान कर उसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक स्कूल को न्यूनतम 25 लाख रुपये स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से मुहैया कराए जाएंगे। कार्यों की हरी झंडी देने का अधिकार जिला स्तर पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को दिया गया है।
विज्ञापन