{"_id":"5bb8b8f0867a55682c15db5d","slug":"181538832624-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली-छठ के लिए पूर्वांचल की ट्रेनों में नो-रूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली-छठ के लिए पूर्वांचल की ट्रेनों में नो-रूम
Updated Sat, 06 Oct 2018 07:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली और छठ के लिए ट्रेनों में सीटें हुई फुल, यात्री हलकान
फरीदाबाद। दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले लोगों को ट्रेनों में महीने भर पहले से टिकट बुकिंग नहीं मिल पा रही है। आलम ये है कि अधिकांश ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ की स्थिति होने लगी है। 7 नवंबर को दीवाली और 12-13 को छठ है। ऐसे में टिकटों का आरक्षण जुलाई से ही शुरू हो गया था जो कुछ दिनों में ही भर गया। अब त्योहारों पर घर जाने वालों को तत्काल टिकट का ही सहारा दिख रहा है। हालांकि, अभी तक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा नहीं हुई है।
दरअसल, फरीदाबाद और आसपास रहने वाले तो बसों और निजी टैक्सियों से घर जाने की भी व्यवस्था कर लेते हैं लेकिन फरीदाबाद से बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कारण, डायरेक्ट ट्रेन न होने से पहले तो उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ता है, उसके बाद टिकट न मिला तो और जनरल टिकट के लिए मारामारी करनी पड़ती है। परिवार के साथ हुए तो स्थिति और खराब होनी तय है। इसलिए ज्यादातर लोग ऑनलाइन बुकिंग कर लेते हैं या करवा लेते हैं। इससे इतर जो लोग नहीं करा पाते, वे स्थानीय स्टेशन पर घंटों पहले आकर टिकट काउंटर खुलने का इंतजार करते हैं। ऐसा ही कुछ आलम आजकल फरीदाबाद स्टेशन का भी है, जहां रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की कम त्योहार के लिए बुकिंग कराने वालों की भीड़ ज्यादा है।
काउंटर से बुकिंग कराने आए शैलेश ने बताया कि स्टेशन पर सुबह 6 बजे आ गए थे, लेकिन मेरा नंबर दोपहर 3 बजे के बाद आया। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि मुझसे भी पहले लोग टिकट काउंटर के आसपास जमा हो गए थे। ऐसा ही कुछ रामवती के साथ हुआ। उन्हें बिहार जाना है। टिकट की वेटिंग इतनी हाई है कि आरक्षण कराने का ज्यादा फायदा नहीं दिखाई दे रहा। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी, आनंद विहार-बलिया बिहार संपर्क क्रांति, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी, लोकमान्य तिलक समेत दर्जनों ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग हो चुकी है। 8 से 10 नवंबर तक तो महामना, गरीबरथ में भी जगह नहीं है। छठ के बाद 15 से 30 नवंबर तक वापसी चलने वाली ट्रेनों में भी वेटिंग टिकट मिल रहा है। लोगों को अब तत्काल और स्पेशल ट्रेनों का इंतजार है।
विज्ञापन
अभी नहीं हुई विशेष ट्रेन की घोषणा
दिवाली और छठ के समय पूर्वांचल को जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ के बावजूद रेलवे ने अभी कोई विशेष ट्रेन की घोषणा नहीं की है। हालांकि, प्रतिवर्ष त्योहार के समय कुछ स्पेशल ट्रेनें देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों से बिहार के शहरों के लिए चलाई जाती हैं। रेलवे द्वारा इस साल भी कुछ ट्रेनें चलाई जाएंगी। लेकिन किन शहरों से कब ये ट्रेनें जाएंगी, अगर इसकी जानकारी यात्रियों को अभी से मिलेगी तो वे टिकट लेकर बेफिक्र हो जाएंगे।
पहले वेटिंग अब रिग्रेट
एनआईटी एक में खत्री टूर एंड ट्रेवल के संचालक मुकेश खत्री ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर तक त्योहारों के कारण अलग-अलग प्रदेशों में जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में जहां दुर्गा पूजा के लिए दिल्ली से बंगाल जाने के लिए मारामारी रहती है। वहीं, नवंबर में दीपावली, छठ पूजा के लिए यूपी, बिहार के लिए बुकिंग फुल रहती है। नवंबर और दिसंबर में महाराष्ट्र और गोवा जाने वाली गाड़ियों में वेटिंग आसमान पर पहुंच जाती है।
नवंबर तक हवाई यात्रा के टिकट भी मिलना मुश्किल
जवाहर कॉलोनी स्थित दीपक टूर एंड ट्रेवल्स के दीपक ने बताया कि दीपावली के पहले घरेलू उड़ानों में जबरदस्त बुकिंग चल रही है। इसमें पहले कुछ सीटें बुक करने पर मिलने वाली छूट के कारण इकोनॉमिक कोटे की कई स्थानों की टिकटें बुक हो चुकी हैं। जिसमें लखनऊ, मुंबई, पुणे, कोलकाता, पटना, बंगलूरू आदि शहरों के लिए बुकिंग तेजी पर है। नवंबर तक इन स्थानों पर बुकिंग हर साल की तरह फुल होने का अंदेशा है।
विज्ञापन
फरीदाबाद। दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले लोगों को ट्रेनों में महीने भर पहले से टिकट बुकिंग नहीं मिल पा रही है। आलम ये है कि अधिकांश ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ की स्थिति होने लगी है। 7 नवंबर को दीवाली और 12-13 को छठ है। ऐसे में टिकटों का आरक्षण जुलाई से ही शुरू हो गया था जो कुछ दिनों में ही भर गया। अब त्योहारों पर घर जाने वालों को तत्काल टिकट का ही सहारा दिख रहा है। हालांकि, अभी तक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा नहीं हुई है।
दरअसल, फरीदाबाद और आसपास रहने वाले तो बसों और निजी टैक्सियों से घर जाने की भी व्यवस्था कर लेते हैं लेकिन फरीदाबाद से बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कारण, डायरेक्ट ट्रेन न होने से पहले तो उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ता है, उसके बाद टिकट न मिला तो और जनरल टिकट के लिए मारामारी करनी पड़ती है। परिवार के साथ हुए तो स्थिति और खराब होनी तय है। इसलिए ज्यादातर लोग ऑनलाइन बुकिंग कर लेते हैं या करवा लेते हैं। इससे इतर जो लोग नहीं करा पाते, वे स्थानीय स्टेशन पर घंटों पहले आकर टिकट काउंटर खुलने का इंतजार करते हैं। ऐसा ही कुछ आलम आजकल फरीदाबाद स्टेशन का भी है, जहां रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की कम त्योहार के लिए बुकिंग कराने वालों की भीड़ ज्यादा है।
विज्ञापन
काउंटर से बुकिंग कराने आए शैलेश ने बताया कि स्टेशन पर सुबह 6 बजे आ गए थे, लेकिन मेरा नंबर दोपहर 3 बजे के बाद आया। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि मुझसे भी पहले लोग टिकट काउंटर के आसपास जमा हो गए थे। ऐसा ही कुछ रामवती के साथ हुआ। उन्हें बिहार जाना है। टिकट की वेटिंग इतनी हाई है कि आरक्षण कराने का ज्यादा फायदा नहीं दिखाई दे रहा। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी, आनंद विहार-बलिया बिहार संपर्क क्रांति, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी, लोकमान्य तिलक समेत दर्जनों ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग हो चुकी है। 8 से 10 नवंबर तक तो महामना, गरीबरथ में भी जगह नहीं है। छठ के बाद 15 से 30 नवंबर तक वापसी चलने वाली ट्रेनों में भी वेटिंग टिकट मिल रहा है। लोगों को अब तत्काल और स्पेशल ट्रेनों का इंतजार है।
विज्ञापन
अभी नहीं हुई विशेष ट्रेन की घोषणा
दिवाली और छठ के समय पूर्वांचल को जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ के बावजूद रेलवे ने अभी कोई विशेष ट्रेन की घोषणा नहीं की है। हालांकि, प्रतिवर्ष त्योहार के समय कुछ स्पेशल ट्रेनें देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों से बिहार के शहरों के लिए चलाई जाती हैं। रेलवे द्वारा इस साल भी कुछ ट्रेनें चलाई जाएंगी। लेकिन किन शहरों से कब ये ट्रेनें जाएंगी, अगर इसकी जानकारी यात्रियों को अभी से मिलेगी तो वे टिकट लेकर बेफिक्र हो जाएंगे।
पहले वेटिंग अब रिग्रेट
एनआईटी एक में खत्री टूर एंड ट्रेवल के संचालक मुकेश खत्री ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर तक त्योहारों के कारण अलग-अलग प्रदेशों में जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में जहां दुर्गा पूजा के लिए दिल्ली से बंगाल जाने के लिए मारामारी रहती है। वहीं, नवंबर में दीपावली, छठ पूजा के लिए यूपी, बिहार के लिए बुकिंग फुल रहती है। नवंबर और दिसंबर में महाराष्ट्र और गोवा जाने वाली गाड़ियों में वेटिंग आसमान पर पहुंच जाती है।
नवंबर तक हवाई यात्रा के टिकट भी मिलना मुश्किल
जवाहर कॉलोनी स्थित दीपक टूर एंड ट्रेवल्स के दीपक ने बताया कि दीपावली के पहले घरेलू उड़ानों में जबरदस्त बुकिंग चल रही है। इसमें पहले कुछ सीटें बुक करने पर मिलने वाली छूट के कारण इकोनॉमिक कोटे की कई स्थानों की टिकटें बुक हो चुकी हैं। जिसमें लखनऊ, मुंबई, पुणे, कोलकाता, पटना, बंगलूरू आदि शहरों के लिए बुकिंग तेजी पर है। नवंबर तक इन स्थानों पर बुकिंग हर साल की तरह फुल होने का अंदेशा है।