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सिमरन का नहीं मिला ठिकाना, गुरुग्राम पहुंचाया
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:00 PM IST
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सिमरन का नहीं मिला ठिकाना, गुरुग्राम पहुंचाया
मानसिक रूप से परेशान महिला दस दिन से बीके अस्पताल में थी भर्ती
परिजनों का पता नहीं, गुरुग्राम की अर्थ सेवियर ग्लोबल संस्था को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसिक रूप से परेशान सिमरन को फरीदाबाद में रहने की जगह नहीं मिल सकी। पिछले दस दिनों से बीके सिविल अस्पताल में भर्ती इस महिला को दो दिन पहले ही वन स्टॉप सेंटर के हवाले किया गया था। इसके बाद भी महिला के परिजनों का जब पता नहीं चल सका तो अब उसे गुरुग्राम स्थित अर्थ सेवियर ग्लोबल संस्था को सौंप दिया गया है।
मानसिक रूप से परेशान महिला सिविल अस्पताल कर्मियों सहित वन स्टॉप सेंटर के लिए भी सरदर्द बन चुकी थी। अस्पताल में भर्ती यह महिला कई बार खुद ही अपने कपड़े उतारकर बाहर भाग जाती थी। ऐसे में उसे बार-बार पकड़कर लाया जाता था। उसकी इस हरकत के बाद से ही उसे किसी महिला आवास में रखने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल गुरुग्राम में उसे पनाह मिल सकी है।
खुद का नाम सिमरन बताने वाली यह महिला 13 अगस्त से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञों ने अपनी जांच में इसे दिमागी रूप से अस्थिर बताया। सिमरन ने झांसी स्थित रानीपुर गांव में अपना ससुराल बताया तो वहां गांव के सरपंच से संपर्क किया गया। रानीपुर सरपंच ने ऐसी किसी महिला का गांव से संबंध ही नकार दिया।
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महिला को गुरुग्राम स्थित सामाजिक संस्था की मदद से आवासीय सुविधाएं दी गई हैं। महिला की मदद और अन्य सभी जिम्मेदारियों को वन स्टॉप सेेंटर की ओर से ही पूरा किया जाएगा। सेंटर की ओर से महिला का स्थायी पता और संबंधियों को ढूंढने की लगातार कोशिश की जा रही है।
- मीनू, वन स्टॉप सेंटर हेड, फरीदाबाद
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मानसिक रूप से परेशान महिला दस दिन से बीके अस्पताल में थी भर्ती
परिजनों का पता नहीं, गुरुग्राम की अर्थ सेवियर ग्लोबल संस्था को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसिक रूप से परेशान सिमरन को फरीदाबाद में रहने की जगह नहीं मिल सकी। पिछले दस दिनों से बीके सिविल अस्पताल में भर्ती इस महिला को दो दिन पहले ही वन स्टॉप सेंटर के हवाले किया गया था। इसके बाद भी महिला के परिजनों का जब पता नहीं चल सका तो अब उसे गुरुग्राम स्थित अर्थ सेवियर ग्लोबल संस्था को सौंप दिया गया है।
मानसिक रूप से परेशान महिला सिविल अस्पताल कर्मियों सहित वन स्टॉप सेंटर के लिए भी सरदर्द बन चुकी थी। अस्पताल में भर्ती यह महिला कई बार खुद ही अपने कपड़े उतारकर बाहर भाग जाती थी। ऐसे में उसे बार-बार पकड़कर लाया जाता था। उसकी इस हरकत के बाद से ही उसे किसी महिला आवास में रखने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल गुरुग्राम में उसे पनाह मिल सकी है।
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खुद का नाम सिमरन बताने वाली यह महिला 13 अगस्त से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञों ने अपनी जांच में इसे दिमागी रूप से अस्थिर बताया। सिमरन ने झांसी स्थित रानीपुर गांव में अपना ससुराल बताया तो वहां गांव के सरपंच से संपर्क किया गया। रानीपुर सरपंच ने ऐसी किसी महिला का गांव से संबंध ही नकार दिया।
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महिला को गुरुग्राम स्थित सामाजिक संस्था की मदद से आवासीय सुविधाएं दी गई हैं। महिला की मदद और अन्य सभी जिम्मेदारियों को वन स्टॉप सेेंटर की ओर से ही पूरा किया जाएगा। सेंटर की ओर से महिला का स्थायी पता और संबंधियों को ढूंढने की लगातार कोशिश की जा रही है।
- मीनू, वन स्टॉप सेंटर हेड, फरीदाबाद