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रसात के बाद बढ़े उल्टी-दस्ते के मरीज
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:32 PM IST
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बरसात के बाद बढ़े उल्टी-दस्ते के मरीज
- सिविल अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बरसात के बाद वायरल व उल्टी दस्ते के मरीजों में वृद्धि होने लगी है। बुधवार को सिविल अस्पताल में करीब एक दर्जन बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर भर्ती करवाया गया। आलम यह था कि आपातकालीन कक्ष में एक बेड पर दो-दो बच्चे लेटे हुए थे। कुछ लोगों के बीच तो बच्चों को लेटाने को लेकर कहासुनी हो गई, जिन्हें डॉक्टरों ने शांत करवा बच्चों का इलाज किया। पिछले दिनों हुई बरसात के बाद उमस भरी गर्मी लोगों बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बीके अस्पताल में बुधवार सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की कतार लगी हुई थी। ओपीडी कक्ष खुलने से पहले ही सामान्य रोग विशेषज्ञ के कक्ष के सामने लंबी कतार लगी हुई थी। वहीं आपातकालीन कक्ष में भी लगातार मरीज पहुंच रहे थे। इनमें अधिकांश बच्चे थे, जिन्हें उल्टी दस्त की शिकायत थी। डॉक्टरों ने सभी को भर्ती कर ड्रिप लगा रखी थी। लगातार मरीजों के आने से आपातकालीन कक्ष में बेड कम पड़ गए। इस पर डॉक्टरों ने एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाया और उनका इलाज किया।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार इस समय वायरल व उल्टी दस्ते के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उमस भरी गर्मी व मौसम में बदलाव से श्वास के मरीजों की भी परेशानियां बढ़ गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार वायरल होने पर मरीज के गले में खराश और शरीर में दर्द होने लगता है। इसके बाद मरीज तेज बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जो पांच से सात दिनों तक रहता है।
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- सिविल अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बरसात के बाद वायरल व उल्टी दस्ते के मरीजों में वृद्धि होने लगी है। बुधवार को सिविल अस्पताल में करीब एक दर्जन बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर भर्ती करवाया गया। आलम यह था कि आपातकालीन कक्ष में एक बेड पर दो-दो बच्चे लेटे हुए थे। कुछ लोगों के बीच तो बच्चों को लेटाने को लेकर कहासुनी हो गई, जिन्हें डॉक्टरों ने शांत करवा बच्चों का इलाज किया। पिछले दिनों हुई बरसात के बाद उमस भरी गर्मी लोगों बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बीके अस्पताल में बुधवार सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की कतार लगी हुई थी। ओपीडी कक्ष खुलने से पहले ही सामान्य रोग विशेषज्ञ के कक्ष के सामने लंबी कतार लगी हुई थी। वहीं आपातकालीन कक्ष में भी लगातार मरीज पहुंच रहे थे। इनमें अधिकांश बच्चे थे, जिन्हें उल्टी दस्त की शिकायत थी। डॉक्टरों ने सभी को भर्ती कर ड्रिप लगा रखी थी। लगातार मरीजों के आने से आपातकालीन कक्ष में बेड कम पड़ गए। इस पर डॉक्टरों ने एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाया और उनका इलाज किया।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार इस समय वायरल व उल्टी दस्ते के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उमस भरी गर्मी व मौसम में बदलाव से श्वास के मरीजों की भी परेशानियां बढ़ गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार वायरल होने पर मरीज के गले में खराश और शरीर में दर्द होने लगता है। इसके बाद मरीज तेज बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जो पांच से सात दिनों तक रहता है।
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