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कॉलोनाइजर ने काटे पानी के कनेक्शन कॉलोनी में मचा हाहाकार
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:23 PM IST
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कॉलोनाइजर ने काटे कनेक्शन, कैसे मिले पानी
फरीदाबाद। सेक्टर-30 स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के नगर निगम में स्थानांतरित होते ही कॉलोनाइजर ने ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए। इससे कॉलोनी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। नगर निगम ने अपने स्तर पर प्रयास किए हैं, मगर करीब सात हजार परिवारों वाली इस कॉलोनी में जलापूर्ति करने में सफल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोग टैंकरों और बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर ऐसोसिएशन भी अपने स्तर पर जलापूर्ति सुनिश्चित करवाने में जुटी हुई है।
प्राइवेट कॉलोनाइजर द्वारा बसाई गई इंद्रप्रस्थ (आईपी) कॉलोनी को हाल ही में नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया है। कॉलोनी हस्तांतरित होते ही कॉलोनाइजर ने जलापूर्ति करने वाले पांच में से तीन ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए। ऐसे में इस भीषण गर्मी के दौरान पानी की किल्लत होते ही कॉलोनी में परेशानी बढ़ गई। लोगों ने कॉलोनाइजर से संपर्क किया तो उसने कहा कि कॉलोनी निगम को हस्तांतरित हो चुकी है और अब उसकी जिम्मेदारी नहीं है। फिलहाल नगर निगम ने जो ट्यूबवेल चालू थे, उनमें हैवी मोटरें लगाकर कॉलोनी में जलापूर्ति को सुचारू करने का प्रयास किया है।
टूटी सड़कें व गंदगी भी बड़ी समस्या
कॉलोनी पेयजल आपूर्ति के अलावा टूटी सड़कें व फैली गंदगी ने भी लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है। स्थानीय लोगों को याद नहीं कि कॉलोनी बसने के बाद यहां कभी सड़क बनी हो। यहां तक कि वे सफाई भी अपने स्तर पर कराते हैं और खुद ही कूड़ा उठवाते हैं। ऐसे में नालियों में जमा कूड़े को कौन उठाएगा।
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लोगों का दर्द
पिछले कई दिनों से पानी के लिए काफी परेशान हो रहे हैं। पता चला है कि कॉलोनाइजर ने ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए हैं। इस गर्मी को उसे भी थोड़ी तो मानवता दिखानी चाहिए थी। बेशक कॉलोनी हस्तांतरित हो गई हो, थोड़े दिन में व्यवस्था बन जाती तो अपना कनेक्शन काट लेता।
- नीलम, स्थानीय निवासी
पानी की किल्लत तो है ही, उसके अलावा पूरी कॉलोनी की सड़कें टूटी पड़ी हैं। पिछले 15 सालों में हमने इस कॉलोनी में कभी सड़क बनते नहीं देखी। इसके अलावा हर तरफ गंदगी है। लोग खुद अपनी-अपनी पॉकेट में सफाई करवाते हैं।
-रीटा, स्थानीय निवासी
पिछले कुछ दिनों से पानी को लेकर काफी किल्लत चल रही है। इस गर्मी में पानी का संकट हो जाए तो कितनी परेशानी होती है, आप खुद समझ सकते हैं। मगर अब पता चला है कि नगर निगम ने कुछ व्यवस्था की है और धीरे-धीरे जलापूर्ति सुधर रही है।
- सी. कौल, स्थानीय निवासी
कॉलोनी स्थानांतरित होने की बात कह कर कॉलोनाइजर ने चार-पांच दिन पहले पानी के कनेक्शन काट दिए थे। इसको लेकर हमने कॉलोनाइजर से बात की तो वो कुछ सुनने को ही तैनार नहीं था। इस पर स्थानीय पार्षद अजय बैंसला व नगर निगम अधिकारियों से बात की गई उन्होंने प्रयास किए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
- हरेंद्र सिंह, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, आईपी कॉलोनी
कॉलोनी अभी करीब एक सप्ताह पहले ही नगर निगम को स्थानांतरित हुई है। नगर निगम जलापूर्ति की व्यवस्था बनाता, उससे पहले ही कॉलोनाइजर से पानी के कनेक्शन काट दिए। इस पर जो ट्यूबवेल चालू हैं, उसमें ही हैवी मोटरें लगाकर कॉलोनी में पानी की आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया गया है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से भी पानी भेजा जा रहा है। साथ ही तत्काल नीए ट्यूबवेल मंजूर करवाकर उनकी फिजिबिल्टीम जांच करवाई गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में उसकी रिपोर्ट आ जाएगी और नए ट्यूबवेल लगाकर कॉलोनी में पानी की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
- अजय बैंसला, स्थानीय पार्षद
फरीदाबाद। सेक्टर-30 स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के नगर निगम में स्थानांतरित होते ही कॉलोनाइजर ने ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए। इससे कॉलोनी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। नगर निगम ने अपने स्तर पर प्रयास किए हैं, मगर करीब सात हजार परिवारों वाली इस कॉलोनी में जलापूर्ति करने में सफल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोग टैंकरों और बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर ऐसोसिएशन भी अपने स्तर पर जलापूर्ति सुनिश्चित करवाने में जुटी हुई है।
प्राइवेट कॉलोनाइजर द्वारा बसाई गई इंद्रप्रस्थ (आईपी) कॉलोनी को हाल ही में नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया है। कॉलोनी हस्तांतरित होते ही कॉलोनाइजर ने जलापूर्ति करने वाले पांच में से तीन ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए। ऐसे में इस भीषण गर्मी के दौरान पानी की किल्लत होते ही कॉलोनी में परेशानी बढ़ गई। लोगों ने कॉलोनाइजर से संपर्क किया तो उसने कहा कि कॉलोनी निगम को हस्तांतरित हो चुकी है और अब उसकी जिम्मेदारी नहीं है। फिलहाल नगर निगम ने जो ट्यूबवेल चालू थे, उनमें हैवी मोटरें लगाकर कॉलोनी में जलापूर्ति को सुचारू करने का प्रयास किया है।
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टूटी सड़कें व गंदगी भी बड़ी समस्या
कॉलोनी पेयजल आपूर्ति के अलावा टूटी सड़कें व फैली गंदगी ने भी लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है। स्थानीय लोगों को याद नहीं कि कॉलोनी बसने के बाद यहां कभी सड़क बनी हो। यहां तक कि वे सफाई भी अपने स्तर पर कराते हैं और खुद ही कूड़ा उठवाते हैं। ऐसे में नालियों में जमा कूड़े को कौन उठाएगा।
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लोगों का दर्द
पिछले कई दिनों से पानी के लिए काफी परेशान हो रहे हैं। पता चला है कि कॉलोनाइजर ने ट्यूबवेल के कनेक्शन काट दिए हैं। इस गर्मी को उसे भी थोड़ी तो मानवता दिखानी चाहिए थी। बेशक कॉलोनी हस्तांतरित हो गई हो, थोड़े दिन में व्यवस्था बन जाती तो अपना कनेक्शन काट लेता।
- नीलम, स्थानीय निवासी
पानी की किल्लत तो है ही, उसके अलावा पूरी कॉलोनी की सड़कें टूटी पड़ी हैं। पिछले 15 सालों में हमने इस कॉलोनी में कभी सड़क बनते नहीं देखी। इसके अलावा हर तरफ गंदगी है। लोग खुद अपनी-अपनी पॉकेट में सफाई करवाते हैं।
-रीटा, स्थानीय निवासी
पिछले कुछ दिनों से पानी को लेकर काफी किल्लत चल रही है। इस गर्मी में पानी का संकट हो जाए तो कितनी परेशानी होती है, आप खुद समझ सकते हैं। मगर अब पता चला है कि नगर निगम ने कुछ व्यवस्था की है और धीरे-धीरे जलापूर्ति सुधर रही है।
- सी. कौल, स्थानीय निवासी
कॉलोनी स्थानांतरित होने की बात कह कर कॉलोनाइजर ने चार-पांच दिन पहले पानी के कनेक्शन काट दिए थे। इसको लेकर हमने कॉलोनाइजर से बात की तो वो कुछ सुनने को ही तैनार नहीं था। इस पर स्थानीय पार्षद अजय बैंसला व नगर निगम अधिकारियों से बात की गई उन्होंने प्रयास किए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
- हरेंद्र सिंह, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, आईपी कॉलोनी
कॉलोनी अभी करीब एक सप्ताह पहले ही नगर निगम को स्थानांतरित हुई है। नगर निगम जलापूर्ति की व्यवस्था बनाता, उससे पहले ही कॉलोनाइजर से पानी के कनेक्शन काट दिए। इस पर जो ट्यूबवेल चालू हैं, उसमें ही हैवी मोटरें लगाकर कॉलोनी में पानी की आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया गया है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से भी पानी भेजा जा रहा है। साथ ही तत्काल नीए ट्यूबवेल मंजूर करवाकर उनकी फिजिबिल्टीम जांच करवाई गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में उसकी रिपोर्ट आ जाएगी और नए ट्यूबवेल लगाकर कॉलोनी में पानी की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
- अजय बैंसला, स्थानीय पार्षद