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आज से करेंगे जिसकी शुरूआत, वहीं युगधर्म है: मोरारी बापू
Updated Sat, 26 May 2018 11:00 PM IST
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आज से करेेंगे जिसकी शुरुआत, वहीं युगधर्म है: मोरारी बापू
फरीदाबाद। ‘भगवान राम की माया से प्रत्येक व्यक्ति के ह्रदय में चारों युग रोज आते-जाते रहते हैं। जो समझदार हैं, वह जीवन में चारों युग को ढूंढते हैं और अधर्म को छोड़ कर अच्छे धर्म की तरफ जाते हैं। सर्वधर्म वो है, जब कोई अपना धर्म जाने। जो आज से शुरुआत करेंगे ,वह युगधर्म है।’ शनिवार को श्रीराम कथा के दौरान यह प्रवचन मोरारी बापू ने जनता को दिए।
सेक्टर-12 स्थित हुडा मैदान में शुरू हुई श्रीराम कथा के पहले दिन बापू ने कहा कि सुबह उठने के बाद पहले तीन घंटे सबसे जरूरी हैं। वह सतयुग के दर्शन के जैसे होते हैं। इसके बाद के तीन-चार घंटे त्रेता युग, उसके बाद के द्वापर युग और अंत के तीन-चार घंटे कलयुग के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मानस युग धर्म विषय पर सभी भक्तों से बात करेंगे।
रामकथा सुनाते हुए मोरारी बापू ने कहा कि रामायण के आधार पर नौ जोड़ियां हैं। जो अगर अपना धर्म समझ लें, तो पूरा विश्व और समाज शांति से भर जाए। वह नौ जोड़ियां हैं.... राजा और प्रजा की जोड़ी, पति और पत्नी की जोड़ी, भाई और भाई की जोड़ी, बाप-बेटे की जोड़ी, अध्यापक-विद्यार्थी की जोड़ी, जीव और शीव की जोड़ी, गुरू-शिष्य की जोड़ी, भाई-बहन की जोड़ी और श्रोता व वक्ता की जोड़ी। बापू ने बताया पहले दिन की कथा में ग्रंथ की चर्चा की जाती है। रामचरितमानस की रचना शिव ने की थी। पहले सोपान में पाँच मंत्र होते हैं। पहले शिव, पार्वती, हनुमान, वाल्मीकि और मां सीता की वंदना होती है। उन्होंने कहा गुरु वंदना से मानस का पहला पाठ शुरू होता है। कथा के दौरान मोरारी बापू ने कहा कि हनुमान कभी बूढ़े नहीं हो सकते, मुझे कोई बूढ़ा कहे मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा। मर जाएंग,े लेकिन बूढ़े नहीं होंगे।
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मोरारी बापू के मुख्य से श्रीराम कथा सुनने पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बापू के मंच की सीढ़ियों पर ही बैठ गईं। आयोजकों ने मंत्री को कुर्सी पर बैठाना चाहा, मगर उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि मंच की सीढ़ियों पर बैठकर कथा सुनने की अनुमति वह पहले ही मोरारी बापू से फोन पर ले चुकी हैं। अपने संबोधन में स्मृति ईरानी ने कहा कि यह हरियाणा और फरीदाबाद के लोगों के लिए गर्व की बात है कि वह बापू के मुख से अमृतमयी राम कथा का रसपान करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, मेयर सुमन बाला समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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फरीदाबाद। ‘भगवान राम की माया से प्रत्येक व्यक्ति के ह्रदय में चारों युग रोज आते-जाते रहते हैं। जो समझदार हैं, वह जीवन में चारों युग को ढूंढते हैं और अधर्म को छोड़ कर अच्छे धर्म की तरफ जाते हैं। सर्वधर्म वो है, जब कोई अपना धर्म जाने। जो आज से शुरुआत करेंगे ,वह युगधर्म है।’ शनिवार को श्रीराम कथा के दौरान यह प्रवचन मोरारी बापू ने जनता को दिए।
सेक्टर-12 स्थित हुडा मैदान में शुरू हुई श्रीराम कथा के पहले दिन बापू ने कहा कि सुबह उठने के बाद पहले तीन घंटे सबसे जरूरी हैं। वह सतयुग के दर्शन के जैसे होते हैं। इसके बाद के तीन-चार घंटे त्रेता युग, उसके बाद के द्वापर युग और अंत के तीन-चार घंटे कलयुग के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मानस युग धर्म विषय पर सभी भक्तों से बात करेंगे।
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रामकथा सुनाते हुए मोरारी बापू ने कहा कि रामायण के आधार पर नौ जोड़ियां हैं। जो अगर अपना धर्म समझ लें, तो पूरा विश्व और समाज शांति से भर जाए। वह नौ जोड़ियां हैं.... राजा और प्रजा की जोड़ी, पति और पत्नी की जोड़ी, भाई और भाई की जोड़ी, बाप-बेटे की जोड़ी, अध्यापक-विद्यार्थी की जोड़ी, जीव और शीव की जोड़ी, गुरू-शिष्य की जोड़ी, भाई-बहन की जोड़ी और श्रोता व वक्ता की जोड़ी। बापू ने बताया पहले दिन की कथा में ग्रंथ की चर्चा की जाती है। रामचरितमानस की रचना शिव ने की थी। पहले सोपान में पाँच मंत्र होते हैं। पहले शिव, पार्वती, हनुमान, वाल्मीकि और मां सीता की वंदना होती है। उन्होंने कहा गुरु वंदना से मानस का पहला पाठ शुरू होता है। कथा के दौरान मोरारी बापू ने कहा कि हनुमान कभी बूढ़े नहीं हो सकते, मुझे कोई बूढ़ा कहे मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा। मर जाएंग,े लेकिन बूढ़े नहीं होंगे।
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मोरारी बापू के मुख्य से श्रीराम कथा सुनने पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बापू के मंच की सीढ़ियों पर ही बैठ गईं। आयोजकों ने मंत्री को कुर्सी पर बैठाना चाहा, मगर उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि मंच की सीढ़ियों पर बैठकर कथा सुनने की अनुमति वह पहले ही मोरारी बापू से फोन पर ले चुकी हैं। अपने संबोधन में स्मृति ईरानी ने कहा कि यह हरियाणा और फरीदाबाद के लोगों के लिए गर्व की बात है कि वह बापू के मुख से अमृतमयी राम कथा का रसपान करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, मेयर सुमन बाला समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।