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Faridabad News: जिले के 17 आंगनबाड़ी केंद्र राजकीय विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाएंगे
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बच्चों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निजी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को राजकीय विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग के निर्देशों के अनुसार जिले के 17 आंगनबाड़ी केंद्रों को निकट के विद्यालयों में शिफ्ट करने के लिए चिह्नित किया गया है। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
जानकारी के अनुसार एनआईटी दो, बड़खल, गांधी कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी सहित 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी गई है। इन इलाकों में स्थित विद्यालयों में फिलहाल भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। कार्य समाप्त होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयाें में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि बालवाटिका पहली और दूसरी आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित हैं और बालवाटिका तीसरी प्राइमरी विद्यालयों में संचालित हैं। वहीं, अब आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रामइरी विद्यालयों में शामिल होने से बच्चों को एक समान माहौल दिया जाएगा ताकि उनकी बुनियादी समझ बेहतर हो सके। विभाग की इस पहल से जिले के सैकड़ों बच्चों को फायदा पहुंचेगा।
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किराये के भवनों में चल रहे 800 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र
जिले में 1200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 800 से अधिक केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं, जबकि 200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा विभाग के पास जिले में केवल 207 स्वयं के आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश केंद्र अभी भी अस्थायी भवनों पर निर्भर हैं।
कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र टिनशेड या छोटे कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में बच्चों और कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फर्श पर बैठने की मजबूरी, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा खेल सामग्री का अभाव बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा बन रहा है।
वर्जन-
आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी विद्यालयों में शिफ्ट करने का काम तेजी से चल रहा है। जिले में पहले से ही 52 आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है।- मीनाक्षी चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निजी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को राजकीय विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग के निर्देशों के अनुसार जिले के 17 आंगनबाड़ी केंद्रों को निकट के विद्यालयों में शिफ्ट करने के लिए चिह्नित किया गया है। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
जानकारी के अनुसार एनआईटी दो, बड़खल, गांधी कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी सहित 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी गई है। इन इलाकों में स्थित विद्यालयों में फिलहाल भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। कार्य समाप्त होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयाें में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि बालवाटिका पहली और दूसरी आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित हैं और बालवाटिका तीसरी प्राइमरी विद्यालयों में संचालित हैं। वहीं, अब आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रामइरी विद्यालयों में शामिल होने से बच्चों को एक समान माहौल दिया जाएगा ताकि उनकी बुनियादी समझ बेहतर हो सके। विभाग की इस पहल से जिले के सैकड़ों बच्चों को फायदा पहुंचेगा।
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किराये के भवनों में चल रहे 800 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र
जिले में 1200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 800 से अधिक केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं, जबकि 200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा विभाग के पास जिले में केवल 207 स्वयं के आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश केंद्र अभी भी अस्थायी भवनों पर निर्भर हैं।
कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र टिनशेड या छोटे कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में बच्चों और कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फर्श पर बैठने की मजबूरी, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा खेल सामग्री का अभाव बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा बन रहा है।
वर्जन-
आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी विद्यालयों में शिफ्ट करने का काम तेजी से चल रहा है। जिले में पहले से ही 52 आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है।- मीनाक्षी चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग