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किसान आमरण अनशन पर प्रशासन को मेले की चिंता:
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किसान आमरण अनशन पर प्रशासन को मेले की चिंता: राकिम
फरीदाबाद। अन्ना हजारे के समर्थन में शहर का युवा किसान अभिमन्यु कोहाड़ भी आमरण अनशन पर है। प्रशासन की बेरुखी से नाराज अभिमन्यु ने बताया कि अनशन को तीन दिन हो गए लेकिन अभी तक किसी ने सुधि नहीं ली, प्रशासन को नागरिक की जान से ज्यादा मेले की तैयारियों की चिंता है। अभिमन्यु के आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसान भी पहुंचे हैं।
अभिमन्यु राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, उन्होंने बताया कि महासंघ के आला अधिकारियों की मंशा दिल्ली-एनसीआर में भी धरना दिए जाने की है। इसलिए महात्मा गांधी के बलिदान दिवस 30 जनवरी को सेक्टर 16 स्थित अनाजमंडी में धरना शुरू किया गया। किसान चौधरी धीरज राणा ने कहा कि तीन दिन में प्रशासन की ओर से कोई नहीं आया, अभिमन्यु की हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक से उसकी जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि किसानों की प्रमुख मांग लोकपाल की तैनाती, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करना, फल-दूध व सब्जियों की एमएसपी तय करना और 55 साल से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देना है। धीरेंद्र राणा ने बताया कि फिलहाल अभिमन्यु ही आमरण अनशन पर बैठे हैं लेकिन उनके समर्थन में कई राज्यों के किसान आए हुए हैं। इनमें बीकानेर (राजस्थान) के नरेंद्र आर्य, जयपुर के अशोक, बनारस के वीरु, हरियाणा के अक्षय नवाल, अशोक, रवि तेवतिया, बच्चू लांबा प्रमुख हैं।
जम्मू-कश्मीर के किसान भी धरने में शामिल
अन्ना हजारे के धरने को समर्थन देने जम्मू-कश्मीर से दस युवा किसान भी सेक्टर 16 स्थित धरनास्थल पहुंचे हैं। जेएंडके जमीदार फोरम के अध्यक्ष हामीद मलिक ने बताया कि इस समय जम्मू में तापमान शून्य से आठ डिग्री नीचे है इसलिए वहां पर धरना नहीं दे सकते। ऐसे में हमने यहां पर आकर धरना शुरू किया है। उनके मुताबिक भारत के अन्य राज्यों की तरह कश्मीर में भी किसानों की हालत खराब है। यह पहली बार है कि वह लोग जम्मू से बाहर धरना देने के लिए आए हैं। उनके साथ तनवीर अहमद, इंतिहाज अहमद, नसीर अहमद, गुलाम हसन आदि धरने पर आए हुए हैं।
फरीदाबाद। अन्ना हजारे के समर्थन में शहर का युवा किसान अभिमन्यु कोहाड़ भी आमरण अनशन पर है। प्रशासन की बेरुखी से नाराज अभिमन्यु ने बताया कि अनशन को तीन दिन हो गए लेकिन अभी तक किसी ने सुधि नहीं ली, प्रशासन को नागरिक की जान से ज्यादा मेले की तैयारियों की चिंता है। अभिमन्यु के आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसान भी पहुंचे हैं।
अभिमन्यु राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, उन्होंने बताया कि महासंघ के आला अधिकारियों की मंशा दिल्ली-एनसीआर में भी धरना दिए जाने की है। इसलिए महात्मा गांधी के बलिदान दिवस 30 जनवरी को सेक्टर 16 स्थित अनाजमंडी में धरना शुरू किया गया। किसान चौधरी धीरज राणा ने कहा कि तीन दिन में प्रशासन की ओर से कोई नहीं आया, अभिमन्यु की हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक से उसकी जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि किसानों की प्रमुख मांग लोकपाल की तैनाती, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करना, फल-दूध व सब्जियों की एमएसपी तय करना और 55 साल से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देना है। धीरेंद्र राणा ने बताया कि फिलहाल अभिमन्यु ही आमरण अनशन पर बैठे हैं लेकिन उनके समर्थन में कई राज्यों के किसान आए हुए हैं। इनमें बीकानेर (राजस्थान) के नरेंद्र आर्य, जयपुर के अशोक, बनारस के वीरु, हरियाणा के अक्षय नवाल, अशोक, रवि तेवतिया, बच्चू लांबा प्रमुख हैं।
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जम्मू-कश्मीर के किसान भी धरने में शामिल
अन्ना हजारे के धरने को समर्थन देने जम्मू-कश्मीर से दस युवा किसान भी सेक्टर 16 स्थित धरनास्थल पहुंचे हैं। जेएंडके जमीदार फोरम के अध्यक्ष हामीद मलिक ने बताया कि इस समय जम्मू में तापमान शून्य से आठ डिग्री नीचे है इसलिए वहां पर धरना नहीं दे सकते। ऐसे में हमने यहां पर आकर धरना शुरू किया है। उनके मुताबिक भारत के अन्य राज्यों की तरह कश्मीर में भी किसानों की हालत खराब है। यह पहली बार है कि वह लोग जम्मू से बाहर धरना देने के लिए आए हैं। उनके साथ तनवीर अहमद, इंतिहाज अहमद, नसीर अहमद, गुलाम हसन आदि धरने पर आए हुए हैं।
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