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तगुरु नानक प्रगटिया, मिटी धुंध जग चानण
Updated Fri, 23 Nov 2018 06:11 PM IST
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सतगुरु नानक प्रगटिया, मिटी धुंध जग चानण होया
फरीदाबाद। गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्सव शुक्रवार को शहर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ का भोग लगने के साथ समाप्ति हुई, दीवान सजाए गए और रागी जत्थों ने गुरुद्वारों में आई हुई संगत को रुहानी शबद कीर्तन के जरिए निहाल किया। अरदास उपरांत संगत के बीच गुरु का लंगर अटूट बरता गया। प्रकाशोत्सव का खास आकर्षण नगर कीर्तन का आयोजन रहा। प्रकाशोत्सव के साथ ही पिछले एक माह से गुरुद्वारा परिसरों से निकल रही प्रभात फेरियों का समापन हुआ।
प्रकाशोत्सव पर्व पर एनआईटी-1 स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा साहिब से बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों के साथ नगर कीर्तन की शुरुआत हुई, जिसकी अगुवाई पंज प्यारों ने की। साथ ही रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय कर दिया। नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों से निकले और जगह-जगह पर गुरु के प्यारों ने चाय, पकोड़े, खीर, चावल और अन्य तरह-तरह के व्यंजनों के स्टॉल लगा कर सुबह से लेकर रात्रि तक श्रद्धालुओं की सेवा में अपना योगदान दिया। गुरुद्वारा पोथीमाला, गुरुद्वारा संत भगत सिंह, गुरुद्वारा उतली तोची, गुरुद्वारा वजीरिस्थान, गुरुद्वारा इद्रखेल नंबर पांच, गुरुद्वारा वाणु पंचायती सहित विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों व सेवादारों ने नगर कीर्तन का स्वागत किया।
रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से किया निहाल
प्रकाशोत्सव के मौके पर गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का आयोजन हुआ। रागी जत्थों ने सच की बाणी नानक आखै सचु सुणाइसी सच की बेला, मिट गई धुंध जग चानण होया, कालू जी दे घर विच चानण होया, भये दीवाना साहब नानक बौराना, जो मांगे ठाकुर अपने तू सोई सोई देवे, ऊंचा दर बाबे नानक दा और नानक कल विच आया के जरिए गुरुनानक देव के आदर्शों का बखान किया। शबद कीर्तन में शहर के हिंदू-सिख भाइयों-बहनों ने गुरुद्वारों में उपस्थित होकर शबद कीर्तन का श्रवण किया और गुरुघर की सेवा की।
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लंगर भी अटूट बरता गया
गुरुद्वारों में शबद कीर्तन की समाप्ति, अखंड पाठ का भोग व अरदास उपरांत गुरुद्वारों में गुरु का लंगर अटूट बरता गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तियों में बैठ कर दाल-रोटी प्रसाद, सब्जी व खीर प्रसाद छका। सेवादारों ने बड़े प्रेम भाव से सभी के बीच लंगर प्रसाद वितरित किया।
सिख युद्ध कला गतका का किया प्रदर्शन
सिख युवाओं ने नगर कीर्तन के दौरान सिख युद्ध कला गतके का प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने तलवारबाजी, लाठी, भाला, चक्कर आदि का प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन में मौजूद अकाल गतका अकादमी के ट्रेनर मंजीत सिंह ने बताया कि बच्चों को गतका प्रशिक्षण दिया जाता है। सिख गुरुओं ने धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाए थे और उसकी कला को सिख युवा आज भी जीवित रखे हुए हैं।
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फरीदाबाद। गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्सव शुक्रवार को शहर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ का भोग लगने के साथ समाप्ति हुई, दीवान सजाए गए और रागी जत्थों ने गुरुद्वारों में आई हुई संगत को रुहानी शबद कीर्तन के जरिए निहाल किया। अरदास उपरांत संगत के बीच गुरु का लंगर अटूट बरता गया। प्रकाशोत्सव का खास आकर्षण नगर कीर्तन का आयोजन रहा। प्रकाशोत्सव के साथ ही पिछले एक माह से गुरुद्वारा परिसरों से निकल रही प्रभात फेरियों का समापन हुआ।
प्रकाशोत्सव पर्व पर एनआईटी-1 स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा साहिब से बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों के साथ नगर कीर्तन की शुरुआत हुई, जिसकी अगुवाई पंज प्यारों ने की। साथ ही रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय कर दिया। नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों से निकले और जगह-जगह पर गुरु के प्यारों ने चाय, पकोड़े, खीर, चावल और अन्य तरह-तरह के व्यंजनों के स्टॉल लगा कर सुबह से लेकर रात्रि तक श्रद्धालुओं की सेवा में अपना योगदान दिया। गुरुद्वारा पोथीमाला, गुरुद्वारा संत भगत सिंह, गुरुद्वारा उतली तोची, गुरुद्वारा वजीरिस्थान, गुरुद्वारा इद्रखेल नंबर पांच, गुरुद्वारा वाणु पंचायती सहित विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों व सेवादारों ने नगर कीर्तन का स्वागत किया।
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रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से किया निहाल
प्रकाशोत्सव के मौके पर गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का आयोजन हुआ। रागी जत्थों ने सच की बाणी नानक आखै सचु सुणाइसी सच की बेला, मिट गई धुंध जग चानण होया, कालू जी दे घर विच चानण होया, भये दीवाना साहब नानक बौराना, जो मांगे ठाकुर अपने तू सोई सोई देवे, ऊंचा दर बाबे नानक दा और नानक कल विच आया के जरिए गुरुनानक देव के आदर्शों का बखान किया। शबद कीर्तन में शहर के हिंदू-सिख भाइयों-बहनों ने गुरुद्वारों में उपस्थित होकर शबद कीर्तन का श्रवण किया और गुरुघर की सेवा की।
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लंगर भी अटूट बरता गया
गुरुद्वारों में शबद कीर्तन की समाप्ति, अखंड पाठ का भोग व अरदास उपरांत गुरुद्वारों में गुरु का लंगर अटूट बरता गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तियों में बैठ कर दाल-रोटी प्रसाद, सब्जी व खीर प्रसाद छका। सेवादारों ने बड़े प्रेम भाव से सभी के बीच लंगर प्रसाद वितरित किया।
सिख युद्ध कला गतका का किया प्रदर्शन
सिख युवाओं ने नगर कीर्तन के दौरान सिख युद्ध कला गतके का प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने तलवारबाजी, लाठी, भाला, चक्कर आदि का प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन में मौजूद अकाल गतका अकादमी के ट्रेनर मंजीत सिंह ने बताया कि बच्चों को गतका प्रशिक्षण दिया जाता है। सिख गुरुओं ने धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाए थे और उसकी कला को सिख युवा आज भी जीवित रखे हुए हैं।