{"_id":"67b0e023b5f38c79c1061204","slug":"1370-lakh-rupees-were-deposited-in-the-account-due-to-fraud-bail-was-not-given-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-38282-2025-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: खाते में आए थे ठगी के 13.70 लाख रुपये, नहीं मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: खाते में आए थे ठगी के 13.70 लाख रुपये, नहीं मिली जमानत
विज्ञापन
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में 22 दिसंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली के करोल बाग में मोबाइल पर स्क्रीन गार्ड लगाने की दुकान लगाने वाले अजय बंसल के खाते में साइबर ठगी के 13.70 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी के वकील की ओर जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि इसका ठगी से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी के खाते में ठगी की राशि पहुंची है। साथ ही आरोपी के मोबाइल से अन्य सह-आरोपी से बातचीत के सबूत मिले हैं। आरोपी के खिलाफ इस तरह की 12 अन्य शिकायतें हैं। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में एफआईआर 22 दिसंबर 2024 को दर्ज हुई थी। सेक्टर-49 में रहने वाले सुभाष कौशिक ने शिकायत में कहा कि उन्हें पहले व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश की ट्रेनिंग दी गई। फिर एक अन्य ग्रुप में जोड़कर टिप्स देने लगे। लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और फिर 85 लाख 65 हजार रुपये निवेश करा लिए। एप पर निवेश राशि बढ़कर लगभग ढाई करोड़ दिखने लगी। जिसमें से 50 लाख रिफंड करने का प्रयास किया तो रिफंड नहीं हो सका। 25 प्रतिशत राशि जमा करने को कहने लगे तो ठगी का अहसास हुआ और शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि कई आरोपियों की गिरफ्तारी अभी होना बाकी है। अब मामले में अदालत ने आरोपी अजय की जमानत याचिका रद्द की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली के करोल बाग में मोबाइल पर स्क्रीन गार्ड लगाने की दुकान लगाने वाले अजय बंसल के खाते में साइबर ठगी के 13.70 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी के वकील की ओर जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि इसका ठगी से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी के खाते में ठगी की राशि पहुंची है। साथ ही आरोपी के मोबाइल से अन्य सह-आरोपी से बातचीत के सबूत मिले हैं। आरोपी के खिलाफ इस तरह की 12 अन्य शिकायतें हैं। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में एफआईआर 22 दिसंबर 2024 को दर्ज हुई थी। सेक्टर-49 में रहने वाले सुभाष कौशिक ने शिकायत में कहा कि उन्हें पहले व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश की ट्रेनिंग दी गई। फिर एक अन्य ग्रुप में जोड़कर टिप्स देने लगे। लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और फिर 85 लाख 65 हजार रुपये निवेश करा लिए। एप पर निवेश राशि बढ़कर लगभग ढाई करोड़ दिखने लगी। जिसमें से 50 लाख रिफंड करने का प्रयास किया तो रिफंड नहीं हो सका। 25 प्रतिशत राशि जमा करने को कहने लगे तो ठगी का अहसास हुआ और शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि कई आरोपियों की गिरफ्तारी अभी होना बाकी है। अब मामले में अदालत ने आरोपी अजय की जमानत याचिका रद्द की है।
विज्ञापन