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डेंगू जांच के सही दाम जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने की कार्यवाई
Updated Fri, 07 Sep 2018 06:20 PM IST
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डेंगू जांच में 600 की बजाए वसूल रहा था 1100 रुपये, लैब को नोटिस
फरीदाबाद। डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये निर्धारित हैं फिर भी नियमों को ताक पर रख एक निजी लैब में 1100 रुपये वसूले जा रहे थे। ऐसे में डेंगू-मलेरिया स्वास्थ्य विभाग ने उक्त लैब को नोटिस जारी कर दिया है। दरसअल, विभाग ने डमी मरीज बनाकर शहर के निजी पैथलैब में जांच की। इस कार्रवाई के बाद से पैथलैब संचालकों में खलबली मची हुई थी।
वायरल बुखार में डेंगू की जांच करने वाले निजी लैब मुनाफाखोरी न करें, इसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को जांच दस्ता तैनात किया। जिला डेंगू-मलेरिया विभाग प्रभारी डॉ. रामभगत की अगुवाई में दस्ते ने निजी पैथलैब का स्टिंग किया। इसमें देखा गया कि कहीं कोई संचालक निर्धारित से ज्यादा पैसे मरीजों से तो नहीं वसूल रहे। डॉ. रामभगत ने बताया कि बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण कर निजी जांचकर्ताओं द्वारा ली जाने वाली डेंगू जांच कीमत जानने का प्रयास किया गया। इसमें पांच निजी जांचकर्ताओं में से चार सही दाम वसूल रहे थे। जबकि सेक्टर-10 स्थित एसआरएल लैब में डेंगू जांच के लिए तय दाम से 500 रुपये ज्यादा वसूले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित हैं। इसके बावजूद उक्त लैब पर 1100 रुपये वसूले जा रहे थे। इस पर लैब संचालक से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। डॉ. रामभगत का कहना है कि क्यूआरजी, फोर्टिस और डॉ. लाल पैथलेब में डेंगू के तय सरकारी दाम 600 रुपये में ही जांच की जा रही थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुप्त रूप से ये जांच की गई। इसके लिए डमी (नकली) मरीज बनाकर भेजा गया था।
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फरीदाबाद। डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये निर्धारित हैं फिर भी नियमों को ताक पर रख एक निजी लैब में 1100 रुपये वसूले जा रहे थे। ऐसे में डेंगू-मलेरिया स्वास्थ्य विभाग ने उक्त लैब को नोटिस जारी कर दिया है। दरसअल, विभाग ने डमी मरीज बनाकर शहर के निजी पैथलैब में जांच की। इस कार्रवाई के बाद से पैथलैब संचालकों में खलबली मची हुई थी।
वायरल बुखार में डेंगू की जांच करने वाले निजी लैब मुनाफाखोरी न करें, इसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को जांच दस्ता तैनात किया। जिला डेंगू-मलेरिया विभाग प्रभारी डॉ. रामभगत की अगुवाई में दस्ते ने निजी पैथलैब का स्टिंग किया। इसमें देखा गया कि कहीं कोई संचालक निर्धारित से ज्यादा पैसे मरीजों से तो नहीं वसूल रहे। डॉ. रामभगत ने बताया कि बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण कर निजी जांचकर्ताओं द्वारा ली जाने वाली डेंगू जांच कीमत जानने का प्रयास किया गया। इसमें पांच निजी जांचकर्ताओं में से चार सही दाम वसूल रहे थे। जबकि सेक्टर-10 स्थित एसआरएल लैब में डेंगू जांच के लिए तय दाम से 500 रुपये ज्यादा वसूले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित हैं। इसके बावजूद उक्त लैब पर 1100 रुपये वसूले जा रहे थे। इस पर लैब संचालक से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। डॉ. रामभगत का कहना है कि क्यूआरजी, फोर्टिस और डॉ. लाल पैथलेब में डेंगू के तय सरकारी दाम 600 रुपये में ही जांच की जा रही थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुप्त रूप से ये जांच की गई। इसके लिए डमी (नकली) मरीज बनाकर भेजा गया था।
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