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फरीदाबाद : निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही, परिजनों को पुरुष की जगह थमाया महिला का शव
Sun, 19 Jul 2020 07:31 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 19 Jul 2020 07:31 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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फरीदाबाद के एशियन अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही रविवार सुबह सामने आई। अस्पताल के कर्मचारियों ने एक परिवार को पुरुष के बदले महिला का शव सौंप दिया। श्मशान पहुंचकर जब परिजन ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की तो शव को देख कर सभी चकित रह गए।
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उधर, अस्पताल से महिला का शव गायब होने पर महिला के परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिजनों को उनके शव सौंपे गए। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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तिलपत गांव में किराए पर रहने वाले राजकिशोर कैंसर से पीड़ित थे। शनिवार शाम को उनकी मौत हो गई। वह मूलरूप से यूपी के गोंडा के रहने वाले थे। उनके परिजन को अस्पताल ने गलती से एनआईटी पांच की रहने वाली कैंसर पीड़ित महिला ऊषा का शव सौंप दिया।
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राजकिशोर के परिजन सराय ख्वाजा स्थित श्मशान घाट पर उनके शव का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो देखा कि राजकिशोर के स्थान पर अस्पताल ने उन्हें किसी महिला का शव थमा दिया है। इस पर परिजनों ने अस्पताल में फोन किया और हंगामा करना शुरू कर दिया। श्मशान घाट में हंगामे की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची।
पूरा मामला जानने के बाद थानाध्यक्ष ने तत्काल एशियन अस्पताल प्रशासन से बात की। वहां पता चला कि ऊषा का शव अस्पताल से गायब होने की खबर पर उनके परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा किया गया। पुलिस से जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन को अपने कर्मचारियों की गलती का पता चला। बाद में पुलिस की मौजूदगी में ही राजकिशोर का शव उसके परिजनों को और ऊषा का शव उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
सराय ख्वाजा थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों की गलती की वजह से शव बदल गए थे। समय रहते इस गलती के बारे में पता चलने पर दोनों पक्षों को उनके परिजन का शव दे दिया गया। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। कोई लिखित शिकायत देता है तो पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
एशियन अस्पताल की अधीक्षक, सहायक चिकित्सा, डॉ. गीतिका विरदी ने कहा कि सुबह बारिश के कारण मृतक के परिजन जल्दी शव का अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे। शव पर नाम लिखा हुआ था। शवगृह कर्मचारी से गलती हुई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।