झूठी आन के लिए परिवार ने बेटी को बनाया बंधक, महिला आयोग ने पुलिस हस्तक्षेप के बाद छुड़वाया
झूठी आन के लिए बंधक बनाई गई 25 वर्षीय एक युवती को दिल्ली महिला आयोग ने उसके माता-पिता के घर से मुक्त कराया है। उसके पति ने आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि दूसरे धर्म में शादी करने का पता चलने पर माता-पिता ने अपनी बेटी को घर में बंद कर लिया।
पति ने शिकायत में पत्नी की जान को खतरा बताया। इसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से 25 नवंबर को युवती को छुड़वाया गया। दिल्ली महिला आयोग में एक युवक ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने दूसरे धर्म की लड़की से अप्रैल 2018 में आर्य समाज मंदिर में शादी की थी।
जब लड़की के माता-पिता को पता चला तो उन्होंने लड़की को घर में बंद कर लिया। फोन छीन लिया। बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई। युवक ने शिकायत में कहा कि युवती के साथ मारपीट भी की गई।
आयोग ने काउंसलर की एक टीम गाजीपुर थाने भेजी, जहां से उनके साथ पुलिस की एक टीम लड़की के घर गई, लेकिन वहां लड़की नहीं मिली। पूछताछ करने पर पता चला कि उसे गाजियाबाद में किसी रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया है।
पुलिस ने लड़की के परिवार को थाने बुलवाया, जहां उन्होंने लड़के से मारपीट करने का प्रयास किया। थाने के बाहर लोगों ने हंगामा भी किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लड़की को गाजियाबाद से लाया गया। लड़की ने पुलिस के सामने पति के साथ रहने की इच्छा जताई।
वहीं परिवार के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने से मना कर दिया। अब दोनों स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने की तैयारी कर रहे हैं। आयोग की सदस्य किरण नेगी ने पुलिस को दोनों को सुरक्षा प्रदान करने को कहा है। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की।