गिरफ्तार कथित आतंकियों के परिजनों ने कहा ‘बेटा बेकसूर, पुलिस कर रही ज्यादती’
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए कथित आतंकी साजिद के परिजन उसे बेकसूर बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस मनगढ़ंत कहानी बनाकर साजिद को जानबूझकर फंसा रही है।
परिवार ने साजिद के बम बनाने की बात से भी इंकार किया है। उनका कहना है कि अगर बनाने के दौरान बम फट गया था तो कोई भी पड़ोसी धमाके की आवाज जरूर सुनते। उसके पड़ोसी भी साजिद को बेकसूर बता रहे हैं।
वहीं मंगलवार को हिरासत में लिए गए बाकी कथित आतंकियों के परिजनों ने भी अपने-अपने लड़कों को बेकसूर बताया। अपने लड़कों की जानकारी लेने लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के दफ्तर पहुंचे। परिजनों का कहना था कि उनके लड़कों को पुलिस ने अवैध रूप से अपनी हिरासत में रखा हुआ है।
पुलिसकर्मियों ने घर में जबरन घुसकर तलाशी ली
साजिद की बहन मेहजबी ने बताया कि उसका भाई मंगलवार रात को इशा की नमाज पढ़ने के लिए पास की फातिमा मस्जिद में गया था। जैसे ही वह बाहर निकला, पुलिस ने उसे दबोच लिया। बाद में रात करीब 10:30 बजे दुबारा दर्जनों पुलिसकर्मी मोहल्ले में पहुंचे।
उन्होंने आते ही लोगों की खिड़की दरवाजे बंद करवा दिए। किसी को भी घर के बाहर झांकने के लिए मना किया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने उनके घर में जबरन घुसकर तलाशी ली। उस समय साजिद भी उनके साथ मौजूद था। बाद में पुलिस कर्मियों ने दो बोरियों में किताबें और कुछ अन्य सामान घर से लिया और परिवार को धमकाते हुए साजिद को अपने साथ ले गए।
एफ-ब्लॉक, गली नंबर-3, चांदबाग में रहने वाले साजिद की बहन मेहजबी ने बताया कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में चार भाई व मां आमना है। साजिद हाफिज कुरान होने के अलावा मुफ्ती का कोर्स भी कर रहा है। घर में ही वह अंडरगार्मेंट बनाने का काम करता है। मेहजबी ने बम बनाने की बात से साफ इंकार किया। उसका कहना था कि उसका भाई दूध गिरने से घायल हुआ था न कि बम फटने से।
चांदबाग में दहशत का माहौल
गोकलपुरी के चांदबाग इलाके में दहशत का माहौल है। मंगलवार को साजिद को उठाने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इलाके से छह अन्य लड़कों को उठाया। पुलिस का कहना है कि छह माह से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी। लोकल इंटेलीजेंस के अलावा टेक्निकल सर्विलांस से भी इन पर नजर रखी जा रही थी। इसी कड़ी में पुलिस ने साजिद को गिरफ्तार कर उसके घर के नजदीक करीब 150 मीटर की दूरी पर छह अन्य लड़कों को पूछताछ के बहाने उठा लिया।
एक लड़के के पिता नईम अहमद यमुना विहार स्थित जामा मस्जिद के इमाम हैं। नईम का कहना है कि उनका बेटा मानसिक रूप से कमजोर है, वह कैसे आतंकी हो सकता है। इधर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में रोष था।
उनका कहना था कि विरोध करने या पूछताछ करने पर पुलिस ने उन्हें सीधे गोली मारने की धमकी दी। पुलिस कर्मी जबरन घरों की छतों पर चढ़ गए। पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई। बाद में कारों में भरकर सभी कथित आतंकियों को लोधी कॉलोनी स्पेशल के दफ्तर लाया गया। इधर दिनभर लोगों ने अपने-अपने लड़कों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया।