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उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा के आरोपी फैजल फारूक को मिली जमानत, सबूत पेश नहीं कर पाई पुलिस

Tue, 23 Jun 2020 02:13 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 23 Jun 2020 02:13 PM IST
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Faizal Farooq accused of north east delhi violence gets bail as police could not provide required evidences
दिल्ली हिंसा की तस्वीर - फोटो : जी पॉल

उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी माह में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार राजधानी स्कूल के मालिक फैजल फारूक को अदालत ने जमानत दे दी है। दंगे के दौरान स्कूल की छत से इलाके में फायरिंग और उपद्रव फैलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था।

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कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने फैजल फारूक को जमानत देते हुए कहा कि पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में यह साबित नहीं हो पाया है कि दंगे के दौरान फारूक स्कूल में मौजूद था। कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस आरोपों के पक्ष में कोई ठोस तथ्य पेश नहीं करती तो ऐसी स्थिति में मामले की जांच की समयावधि पूरी होने पर आरोपी जमानत का हकदार होता है।
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कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने दावों के बाद भी आरोप पत्र में आतंकी फंडिंग या उसके पिंजरा तोड़ संगठन, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और मुस्लिम मौलवियों के साथ कथित लिंक का कोई सबूत नहीं दिया।   
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अदालत ने कहा कि आरोप पत्र में आतंकी फंडिंग के आरोप को साबित करने के लिए शायद ही कोई सामग्री है। वहीं, गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे और जांच अधिकारी ने अभियोजन पक्ष के गवाह के पूरक बयान को कमी पूरा करने के लिए दर्ज करने का प्रयास किया था।

उल्लेखनीय है कि शिव विहार इलाके में स्थित राजधानी पब्लिक स्कूल की छत से फरवरी में स्कूल के मालिक फैजल पर लोगों की भीड़ को उपद्रव करने और उसके बराबर स्थित डीआरपी कॉन्वेंट स्कूल, दो पार्किंग स्थल और एक मिठाई की दुकान में आग लगाने के निर्देश देने का आरोप लगाया गया था। मिठाई की दुकान में एक व्यक्ति को जला दिया गया था। 


अपनी जमानत याचिका में फारूक ने दावा किया था कि वह दंगे के दौरान स्कूल में नहीं था। जब दंगाइयों ने उनकी इमारत को इस्तेमाल किया था, तो उसने उपद्रवियों को रोकने के लिए पुलिस से भी संपर्क करने की कोशिश की थी।

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