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फिल्मों को दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम बनाने की हों सुविधाएं : हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्मों को दृष्टिबाधितों के लिए अनुकूल बनाए जाने का निर्देश दिया है। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को निर्देश दिया है कि वे फिल्मों में ऑडियो डिस्क्रिप्शन, समान भाषा में सबटाइटल्स जैसी पहुंच सुविधाओं को जल्द से जल्द लागू करें।
याचिकाकर्ता राहुल बजाज ने अपनी याचिका में पुष्पा 2: द रूल समेत कई हालिया फिल्मों में इन सुविधाओं की कमी या सीमित उपलब्धता का मामला उठाया था। उन्होंने बताया कि कुछ फिल्मों में ये फीचर्स केवल चुनिंदा स्क्रीनों या भाषाओं तक ही सीमित रहे, जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर समान पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य है। न्यायालय ने सीबीएफसी की वेबसाइट पर खोजने योग्य डेटाबेस तैयार करने, फिल्म रिलीज से पहले पहुंच सुविधाओं की अधिसूचना जारी करने और इनका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया है।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्मों को दृष्टिबाधितों के लिए अनुकूल बनाए जाने का निर्देश दिया है। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को निर्देश दिया है कि वे फिल्मों में ऑडियो डिस्क्रिप्शन, समान भाषा में सबटाइटल्स जैसी पहुंच सुविधाओं को जल्द से जल्द लागू करें।
याचिकाकर्ता राहुल बजाज ने अपनी याचिका में पुष्पा 2: द रूल समेत कई हालिया फिल्मों में इन सुविधाओं की कमी या सीमित उपलब्धता का मामला उठाया था। उन्होंने बताया कि कुछ फिल्मों में ये फीचर्स केवल चुनिंदा स्क्रीनों या भाषाओं तक ही सीमित रहे, जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर समान पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य है। न्यायालय ने सीबीएफसी की वेबसाइट पर खोजने योग्य डेटाबेस तैयार करने, फिल्म रिलीज से पहले पहुंच सुविधाओं की अधिसूचना जारी करने और इनका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया है।
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