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Delhi NCR News: विशेषज्ञों की सलाह, इलाज से ज्यादा बीमारी की रोकथाम पर दें ध्यान
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- दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों ने कहा-नियमित जांच, संतुलित जीवनशैली और जागरूकता से कम होगा बीमारियों का बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल डॉक्टर्स डे से पहले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि बढ़ती बीमारियों को कम करने के लिए अब इलाज के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। उनका कहना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान, व्यायाम और समय पर जांच से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है। इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विभिन्न देशों के राजनयिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संस्था की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की गई, जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, हेल्थ स्क्रीनिंग और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया।
पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत ने इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में अच्छी प्रगति की है, लेकिन अब अगला कदम लोगों को बीमार होने से बचाना होना चाहिए। आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक प्रो. निर्मल कुमार गांगुली ने कहा कि मोटापा देश की बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो चुका है और यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। उन्होंने लोगों से नियमित व्यायाम, योग, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट प्रो. जीसी खिलनानी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से जीवनशैली और मौसम से जुड़ी कई बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं, वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यश गुलाटी ने कहा कि कम उम्र से ही शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आदत भविष्य में हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक रोक सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल डॉक्टर्स डे से पहले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि बढ़ती बीमारियों को कम करने के लिए अब इलाज के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। उनका कहना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान, व्यायाम और समय पर जांच से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है। इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विभिन्न देशों के राजनयिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संस्था की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की गई, जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, हेल्थ स्क्रीनिंग और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया।
पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत ने इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में अच्छी प्रगति की है, लेकिन अब अगला कदम लोगों को बीमार होने से बचाना होना चाहिए। आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक प्रो. निर्मल कुमार गांगुली ने कहा कि मोटापा देश की बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो चुका है और यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। उन्होंने लोगों से नियमित व्यायाम, योग, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
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वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट प्रो. जीसी खिलनानी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से जीवनशैली और मौसम से जुड़ी कई बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं, वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. यश गुलाटी ने कहा कि कम उम्र से ही शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आदत भविष्य में हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक रोक सकती है।
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