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इन्हें आज भी यहां नहीं मिला रहा ये अधिकार

Mon, 08 Jun 2015 10:53 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 08 Jun 2015 10:53 AM IST
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Everywhere they found alternative but not right here.

सामाजिक उपेक्षा के शिकार ट्रांसजेंडरों को उच्चतर शिक्षा विभाग ने नकार दिया है। विभाग द्वारा प्रदेश के तमाम सरकारी कॉलेजों में दाखिले के लिए मांगे जा रहे आवेदन में ट्रांसजेंडरों के लिए कोई विकल्प नहीं दिया गया है।

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जबकि महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) ने अपने शैक्षणिक विभाग में दाखिले के लिए मांगें आवेदन में ट्रांसजेंडरों को मौका दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रांसजेंडरों को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता देने के बाद सभी शिक्षण संस्थानों को अपने यहां दाखिला देने को कहा था।
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इसके लिए आवेदन प्रक्रिया के लिंग कॉलम में बकायदा ट्रांसजेंडर अंकित करने को कहा था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को भी इस बाबत आदेश जारी किया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

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इसके बावजूद उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस सत्र में दाखिले के लिए मांगे आवेदन में जगह नहीं दी है। जिसकी वजह से ट्रांसजेंडर आवेदन करने से चूक सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में लिंग की श्रेणी में ट्रांसजेंडर को स्थान नहीं दिया गया है।

अभी तक ट्रांसजेंडर छात्रों को दाखिला नहीं मिलता था। न ही इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था थी। सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी के आदेश के बाद ट्रांसजेंडर को पठन-पाठन में सामान्य छात्रों के साथ पढ़ाई का रास्ता साफ हुआ था, लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग ने सारे आदेश को दरकिनार कर कहीं स्थान नहीं दिया।
 
उच्चतर शिक्षा लेकर अपना करियर कैसे संवारेंगे? इस बारे में विभाग के पास जवाब नहीं है। बता दें कि ट्रांसजेंडर छात्रों को विशेष पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा जाएगा।

आरक्षित वर्ग को जो सुविधाएं, छात्रवृत्ति हॉस्टल आदि दी जाती हैं सभी मिलेगी। ट्रांसजेंडर की सुरक्षा की गारंटी भी संस्थान को लेनी है। जिससे कोई इन छात्रों को जाति सूचक शब्द या लिंग आधारित अभद्रता न करे।

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