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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ensuring inclusive use of technology is a challenge: Dr Tessy Thomas

तकनीक का समावेशी उपयोग सुनिश्चित करना चुनौती : डॉ. टेसी थॉमस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 07:11 PM IST
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-आईआईटी दिल्ली के 56वें दीक्षांत समारोह को मिसाइल वुमेन ऑफ इंडिया ने किया संबोधित
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-दीक्षांत समारोह में 2,764 छात्रों मिली को डिग्री, 63 वर्षीय बुजुर्ग बने सबसे उम्रदराज डिग्रीधारक

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दुनिया तेजी से डिजिटलीकरण की तरफ बढ़ रही है। नई तकनीकों को अपना रही है। ऐसी तकनीकें समावेशी, नैतिक और टिकाऊ हो यह सुनिश्चित करना भविष्य के इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और नेताओं के लिए बड़ी चुनौती है। देश एक शक्तिशाली परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहां तकनीक आयात से लेकर नवाचार निर्यात तक की प्रक्रिया चल रही है। यह बातें शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 56वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मिसाइल वुमेन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर वैज्ञानिक डॉ. टेसी थॉमस ने कहीं।

उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी तकनीकों का जिक्र करना चाहती हूं जिनमें मुझे आने वाली पीढ़ियों के लिए अपार संभावनाएं और जिम्मेदारियां नजर आती हैं। इसमें कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, ह्यूमन मशीन इंटरफेस शामिल हैं। मिसाइल प्रणालियों के साथ काम करने के नाते कह सकती हूं कि अंतरिक्ष और भी अधिक खोज के लिए तैयार है। यह पीढ़ी तय करेगी कि स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग जलवायु परिवर्तन, कृषि आपदा प्रबंधन और वैश्विक संचार के लिए कैसे करना है।
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63 वर्षीय बुजुर्ग को मिली पीएचडी की डिग्री

इस दीक्षांत समारोह में 2,764 छात्रों को डिग्री दी गई। इसमें 735 छात्राएं शामिल थीं। 20 देशों के 43 विदेशी छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में डिग्री प्राप्त करने वालों में सबसे युवा 20 वर्षीय चंदन गोदारा को बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) में और सबसे बुजुर्ग 63 वर्षीय गोपाल कृष्ण तनेजा को पीएचडी की डिग्री मिली।
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विशिष्ट एल्युमिनी अवाॅर्ड वॉल किया लॉन्च

समारोह में सात पूर्व छात्र को विशिष्ट एल्युमिनी अवाॅर्ड 2025 देकर सम्मानित किया गया। साथ ही लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में विशिष्ट एल्युमिनी अवाॅर्ड वॉल को भी लॉन्च किया गया। समारोह में बीटेक इन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र अंकित मंडल को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक पुरस्कार, बीटेक इन मेटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र जसकरन सिंह सोढ़ी को निदेशक स्वर्ण पदक पुरस्कार और एमटेक इन स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के छात्र देवेंद्र कुमार को डॉ. शंकर दयाल शर्मा (पूर्व राष्ट्रपति) स्वर्ण पदक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


असफलता को खुद से न करें परिभाषित

समारोह में आईआईटी दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरपर्सन हरीश साल्वे ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता या असफलता को खुद से परिभाषित न करने दें। खुद को उन लड़ाइयों से मापे जिन्हें लड़ने का साहस आपने दिखाया है। इस मौके पर आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने छात्रों से कहा कि आप इस परिसर के आरामदायक दायरे से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में कदम रखेंगे। चुनौतियों और अवसरों की एक नई दुनिया से रूबरू होंगे। विनम्रता और सीखने की इच्छा के साथ काम करें।
डिग्री का नंबर गेम

530 छात्रों को पीएचडी की डिग्री

62 छात्रों को मास्टर ऑफ साइंस (रिसर्च) की डिग्री

488 छात्रों को मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) में डिग्री

124 छात्रों को एमटेक और बीटेक दोनों की डिग्री

23 छात्रों को मास्टर ऑफ डिजाइन की डिग्री

172 छात्रों को एमबीए की डिग्री

218 छात्रों को मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री

19 छात्रों को मास्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी में डिग्री

73 छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री

1048 छात्रों को बीटेक की डिग्री

7 छात्रों को अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री
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