गाजियाबाद में मुठभेड़ : NIA की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर हथियार सप्लायर को छुड़ाया
पंजाब के आरएसएस नेता रवींद्र गोसाईं की हत्या के आरोपियों को हथियार मुहैया कराने वाले सप्लायर को गिरफ्तार करने भोजपुर के नहाली गांव पहुंची एनआईए , एटीएस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम पर सोमवार को ग्रामीणों ने पथराव और फायरिंग कर दी।
सुबह करीब पांच बजे हुई इस घटना में महिलाओं और गांव के अन्य लोगों ने एनआईए और एटीएस की गिरफ्त में आए हथियार सप्लायर को भी छुड़ा लिया। हथियार सप्लायर की ओर से की गई फायरिंग में एसओजी का एक सिपाही घायल हो गया और पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस ने हथियार सप्लायर समेत करीब 50 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। आरएसएस नेता की हत्या की जांच के दौरान एनआईए (नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी) को मेरठ में पकड़े गए एक कथित दहशतगर्द से पता चला कि हथियार भोजपुर के गांव नहाली निवासी मलूक ने मुहैया कराए थे।
इसके बाद रविवार की सुबह पांच बजे एनआईए, एटीएस एवं एसओजी मेरठ की 25 सदस्यीय टीम मोदीनगर के भोजपुर थाने पहुंची। यहां से स्थानीय पुलिस को लेकर गांव नहाली में दबिश दी। टीम ने हथियार सप्लायर मलूक को उसके घर से धर दबोचा और पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने लगे।
कई घंटे चला बवाल, पुलिस ने किया मार्च
गांव में इसकी सूचना फैली तो एनआईए टीम के थोड़ा आगे जाते ही महिलाओं और गांव वासियों ने बुग्गी लगाकर रास्ता रोक दिया और पथराव कर दिया। मौके का फायदा उठाकर मलूक पुलिस पर दोनाली तमंचे से फायर करता हुआ भाग निकला।
पुलिस टीम ने भी जवाबी फायर किया। दोनों पक्षों के बीच करीब 20 राउंड फायर हुए, लेकिन टीम मलूक को पकड़ नहीं सकी। वह फरार हो गया। मुठभेड़ में एसओजी सिपाही तहजीब के पैर में गोली लगी है, उसे मेरठ स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पथराव में एसओजी प्रभारी संजीव समेत कई को चोटें आईं हैं।
हथियार सप्लायर को गिरफ्तार करने पहुंची एनआईए समेत पुलिस टीम पर पथराव व फायरिंग के बाद कई घंटे तक बवाल चला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
गाजियाबाद के कई थानों समेत मेरठ से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई। गाजियाबाद के एसपी सिटी आकाश तोमर, एसपी देहात अरविंद मौर्य समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोर्स ने गांव में रूट मार्च किया। गांव में अब भी तनाव है।
मलूक समेत 7 नामजद, 50 अज्ञात पर केस दर्ज
एनआईए, एसओजी व स्थानीय पुलिस पर फायरिंग और पथराव करने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। भोजपुर थाना प्रभारी रामेश्वर सिंह ने बताया कि जांच टीम पर पथराव, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई अन्य धाराओं में मलूक, उसके पांच भाई एवं दो चाचा और गांव की महिलाओं सहित करीब 50 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
यह था मामला
लुधियाना में 17 अक्तूबर को आरएसएस कार्यकर्ता रविंदर गोसाईं की हत्या हुई थी। वह आरएसएस की मोहन शाखा में मुख्य शिक्षक थे। उन्हें घर के बाहर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने गोली मार दी थी।
पुलिस ने रमनदीप सिंह और हरदीप सिंह नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वैचारिक नफरत में हत्या की यह साजिश रची गई। इसमें सिख अतिवादी तत्व और अन्य के शामिल होने की आशंका है। इनके तार ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, यूएई और पाकिस्तान में से जुड़े हैं।