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लापरवाही की होड़ में बत्रा अस्पताल भी, ठुका आठ लाख का जुर्माना- पढ़े पूरा मामला

Mon, 04 Dec 2017 03:47 PM IST
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Dec 2017 03:47 PM IST
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eight lakhs fine on batra hospital
batra hospital

दिल्ली के तुगलकाबाद इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित बत्रा अस्पताल एवं मेडिकल रिसर्च सेंटर में गलत इंजेक्शन देने से करनाल की एक महिला की मौत हो गई थी। महिला का 14 साल तक बत्रा अस्पताल में स्तन कैंसर का इलाज हुआ था।

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पुरानी मधुमेह और उच्च रक्तचाप बीमारी के दौरान श्वसनीशोध (ब्रोंकाइटिस) के इलाज के लिए महिला फिर दिल्ली आई थी। इसी दौरान गलत इलाज के कारण 2008 में महिला की मौत हो गई थी। इलाज में लापरवाही की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने सुनवाई की। फोरम ने अस्पताल को दोषी पाया और मृतका के परिजनों को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
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हरियाणा में करनाल के निवासी केके शर्मा ने फोरम में दी शिकयत में कहा कि उनकी पत्नी निर्मल शर्मा को 1994 में स्तन कैंसर हुआ था। उन्होंने तुगलकाबाद इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित बत्रा अस्पताल एवं ऐशीराम बत्रा पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट के मेडिकल रिसर्च सेंटर में उनका 14 साल तक कैंसर का इलाज डॉक्टर डी घोष से कराया।
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वह पुरानी मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी ग्रस्त थीं। 26 मार्च 2008 में वे बत्रा अस्पताल में ब्रोंकाइटिस का इलाज कराने आई थीं। केके शर्मा के मुताबिक, बीमारी की जानकारी के बावजूद उनकी पत्नी के कई मशीनी स्कैन किए गए।

इंजेक्शन एक नर्स ने लगाया

eight lakhs fine on batra hospital
batra hospital

शाम करीब पांच बजे उन्हें एक कमरे में बुलाया गया, जहां उन्हें नर्स ने एक इंजेक्शन लगाया। करीब 15 मिनट बाद निर्मल कमरे से बाहर आईं और बाथरूम जाने लगीं, तभी चक्कर खाकर अस्पताल के कॉरिडोर में गिर गईं। उनके साथ अस्पताल का कोई कर्मी नहीं था।

फर्श पर गिरने के बार उनके मुंह और नाक से झाग आने लगे। परिजनों ने डॉक्टरों को बुलाया तो उन्हें आईसीयू में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल की लापरवाही के कारण ही निर्मल शर्मा की मौत हुई। अंबेडकर नगर थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज कराई गई।

उपभोक्ता फोरम ने फैसले में कहा कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट में साफ किया गया है कि बत्रा अस्पताल ने रिकॉर्ड्स में छेड़छाड़ करके महिला की मौत का कारण दिल के दौरे के बजाय सेप्टीसीमिया दिखाने की कोशिश की।

​लिहाजा फोरम ने बत्रा अस्पताल को लापरवाही का दोषी मानते हुए आठ लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया। मुआवजा राशि अस्पताल और इंश्योरेंस बीमा कंपनी को आधी-आधी देनी होगी।

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