नोएडा: झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में बेदम हो रहा कोरोना, महज एक से दो फीसदी मिली संक्रमण दर
कोरोना संक्रमण के बढ़े मामलों में कभी मुंबई के धारावी से तुलना किए जाने वाले नोएडा के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में कोरोना बेदम होता जा रहा है। आठ दिनों से चले रहे टारगेटिड टेस्टिंग अभियान की समीक्षा में सामने आया है कि शहरी झुग्गी क्षेत्रों में संक्रमण की दर एक से दो फीसदी तक रह गई है। कहीं-कहीं यह एक फीसदी से भी कम है, जबकि जिले की कोरोना संक्रमण दर 4.4 है।
नोएडा सेक्टर-5, 8, 9, 10 व अन्य कुछ जगहों को शहरी झुग्गी क्षेत्र यानी अरबन स्लम की श्रेणी में गिना जाता है। कोरोना के प्रसार की शुरुआत में यह सभी क्षेत्र बड़े क्लस्टर बन गए थे। खुद इसका संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया था, लेकिन मौजूदा समय में हालात बदल गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अफसर ने बताया कि 19 नवंबर से अभियान शुरू हुआ है जो 30 नवंबर तक चलेगा। आठ दिनों में शहरी झुग्गी क्षेत्र के 2300 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई है। इनमें संक्रमण की दर महज एक फीसदी रही। इन दिनों में करीब 30 संक्रमित ही विभाग को मिले हैं।
दिल्ली बॉर्डर और अस्पतालों में हालत खराब
स्वास्थ्य विभाग की जांच में दिल्ली बॉर्डर पर हालात खराब मिल रहे हैं। यहां होने वाली जांच की संक्रमण दर छह से सात फीसदी तक दर्ज की गई है। इस दर से आशय कुल जांचों के सापेक्ष मिलने वाले संक्रमित व्यक्तियों से है।
वहीं, विभागों ने अस्पतालों में संक्रमण की स्थिति देखी है। बड़े अस्पतालों में सामान्य खांसी, जुकाम की जांच को जाने वाले अधिकांश मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं। हालांकि कुछ, केस बाजार, होटल व अन्य स्थानों से भी सामने आए हैं।
ये है टारगेटिड टेस्टिंग अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक महीने टारगेटिड टेस्टिंग अभियान चलाया था। एक बार फिर अभियान जारी है। इसमें संक्रमित होने की बढ़ी संभावना को देखते हुए कुछ विशेष वर्गों की जांच पर केंद्रित किया जाता है। इनमें शहरी झुग्गी क्षेत्र, जेल, हॉस्पिटल, सरकारी कार्यालय, रिक्शा, रेहड़ी पटरी वाले, सब्जी वाले, होटल, बाल आश्रम, वृद्धाश्रम, मानसिक अस्पताल आदि शामिल होते हैं।
शहरी झुग्गी क्षेत्र में संक्रमण की दर एक से दो फीसदी तक ही है। पूरी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री को भी दी गई। इसे और कम करने का प्रयास रहेगा जहां मामले अधिक हैं वहां भी नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ