ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। दूसरे दिन करीब 50 हजार वाहन इस एक्सप्रेसवे से गुजरे। हालांकि, यह एनएचएआई का अनुमान है, लेकिन सही आंकड़े पाने के लिए आज से तीन दिन का सर्वे शुरू होने जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली को हुआ है। कुंडली से पलवल जाने वाले वाहन दिल्ली होकर जाते थे। अब वे दिल्ली नहीं जा रहे। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जा रहे हैं।
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eastern peripheral expressway
- फोटो : अमर उजाला
इससे उन वाहन चालकों का समय और ईंधन तो बचा ही, उससे भी बड़ा फायदा दिल्ली को प्रदूषण व ट्रैफिक जाम से मिलेगा। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी। इससे और राहत मिलेगी। वहीं, एनएचएआई ने वाहनों का सही आंकड़ा प्राप्त करने के लिए आज से सर्वे कराने का फैसला लिया है। यह तीन दिन तक चलेगा। इससे पता चल सकेगा कि अब तक दिल्ली की तरफ जाने वाले कितने वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट हुए हैं। साथ ही टोल राजस्व का भी आकलन लग सकेगा।
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एक्सप्रेसवे शुरू करने के बाद अब एनएचएआई ने सुविधाओं पर जोर देना शुरू किया है। एक्सप्रेसवे पर सबसे पहले दो पेट्रोल पंप सिरसा के पास खुलने जा रहे हैं। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने एनओसी दे दी है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक किशोर कनियाल ने बताया कि ये एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ खुलेंगे, जिससे आने-जाने वाले इन पर रुककर आसानी से ईंधन डलवा सकें। उनको यूटर्न लेकर वापस न आना पड़े।
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दोनों पेट्रोल पंप एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य है। ये एक्सप्रेसवे से नीचे होंगे। वहां तक जाने के लिए रोड बन रही है। हालांकि यह अस्थायी होगा। स्थायी स्ट्रक्चर बाद में बनता रहेगा। सीएनजी पंप खोलने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में चलने की समस्या खत्म नहीं हो रही। अब लोग वाहन लेकर गलत दिशा से एक्सप्रेसवे पर चढ़ रहे हैं। बील और सिरसा के पास बन रहे इंटरचेंज से वाहन उल्टी दिशा में चलते दिखे।
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इस समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन और एनएचएआई ने मिलकर सेफ्टी मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक किशोर कनियाल ने बताया कि डीएम के साथ बैठक करके जल्द ही तिथि तय करके वाहन चालकों को हाइवे पर चलने के नियम समझाने को कहेंगे। उसके बाद चालान काटने की कार्रवाई होगी।