बेटे ने पिता से 10 लाख लूटे: गोली चलाकर छीना बैग, कांड के बाद दिल्ली से बिहार भागे; पकड़े जाने पर बताया मकसद
दिल्ली में 10 लाख की लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हो गया है। पुलिस ने मात्र 24 घंटे में मामले से पर्दा उठाते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बेटे ने पिता से 10 लाख रुपये लूटने की योजना बनाई थी।
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पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में मंगलवार सुबह गोली चलाकर 10 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात किसी और ने नहीं बल्कि शिकायतकर्ता के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दी थी। पुलिस ने 24 घंटे में लूट की इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाकर बेटे समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान तवलीन उर्फ रेहत सिंह (21), बिहार निवासी मोहित कुमार तिवारी (22) और पंकज (22) के रूप में हुई है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए 10 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद कर ली है। मुख्य आरोपी तवलीन ने मौज मस्ती करने के लिए अपने पिता को ही लूटने की योजना बना ली।
वारदात को अंजाम देने के लिए उसने पिता की ही प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले दो दोस्तों को तैयार किया। मोहित ने 45 हजार रुपये में बिहार के मुंगेर से पिस्टल का इंतजाम किया। वारदात के समय बेटा स्कूटी चला रहा था। इस बीच मोहित ने हवा में दो गोली चलाकर तवलीन के पिता की कार से बैग लूट लिया। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10.55 बजे लक्ष्मी नगर के कुंदन नगर गली नंबर-3 से पुलिस को 10 लाख रुपये लूट की एक कॉल मिली। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टीम को मौके पर जितेंद्र सिंह नामक शख्स मिले। उन्होंने बताया कि वह परिवार के साथ ढाका नगर, मुखर्जी नगर में रहते हैं।
बुराड़ी में इनकी प्रिंटिंग प्रेस है। जितेंद्र ने कुंदन नगर में रहने वाले अपने दोस्त से 10 लाख रुपये उधार लिए हुए थे। मंगलवार को वह कार में सवार होकर दोस्त के रुपये लौटाने निकले थे। इस बीच गली नंबर-3, कुंदन नगर पहुंचने पर स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनको रोक लिया। स्कूटी के पीछे बैठे युवक ने हवा में दो राउंड गोलियां चलाईं। इसके बाद कार की सीट पर रखा बैग लेकर बदमाश फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया।
पिता ने ही सीसीटीवी फुटेज देखकर बेटे को पहचाना
लक्ष्मी नगर थाना प्रभारी अजीत कुमार झा व अन्यों ने बेहद बारीकी से करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इस बीच सीसीटीवी की जांच करते हुए टीम आनंद विहार बस अड्डे तक पहुंच गई। यहां पहुंचकर स्कूटी सवार दो बदमाशों ने अपना नकाब हटाया। फुटेज जितेंद्र को दिखाई। इसको देखते ही जितेंद्र ने फौरन अपने बेटे को पहचान लिया।
जितेंद्र ने बताया कि वारदात के समय स्कूटी चला रहा युवक उसका बेटा ही है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात को जितेंद्र के बेटे तवलीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने लूटपाट की गुत्थी को स्वीकार कर लिया। अपने बाकी दो साथियों के नाम भी बता दिए।
लखनऊ टोल प्लाजा से पकड़े गए दो आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मोहित कुमार तिवारी और पंकज नामक आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों आरोपी वारदात के बाद आनंद विहार आईएसबीटी से बस में सवार होकर बिहार के लिए निकल गए हैं। सूचना के बाद एक टीम को फौरन बिहार के लिए रवाना कर दिया गया।
इस बीच टीम ने पीछा करते हुए लखनऊ टोल प्लाजा के पास से बस में दो आरोपी मोहित कुमार व पंकज को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली। मोहित व पंकज ने बताया कि वह जितेंद्र की प्रिंटिंग प्रेस में काम करते हैं। तवलीन से उनकी दोस्ती है। तवलीन ने ही उनको लूट के लिए कहा था।
तवलीन के कहने पर मोहित ने बिहार से 45 हजार रुपये में एक पिस्टल का इंतजाम किया। वारदात वाले दिन दोनों तवलीन के साथ उसके कमरे पर रहे। जैसे ही जितेंद्र कैश लेकर घर से निकले, तवलीन और मोहित ने उनका पीछा शुरू कर दिया। कुंदन नगर में मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया गया।
मौज-मस्ती के लिए चाहिए थे तवलीन को रुपये
तवलीन 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और पिता के साथ प्रिंटिग प्रेस में काम करता है। वहीं मोहित ग्रेजुएट है और प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। वहीं पंकज भी 12वीं तक ही पढ़ा है। तवलीन को मौज-मस्ती करने का शौक है। उसके बेहद महंगे शौक भी है। इसी वजह से उसने अपने पिता को ही लूटने की योजना बना ली और वारदात को अंजाम दिया।