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Delhi: पश्चिमी दिल्ली में मुसीबत बन रहे ई-रिक्शा, सड़कों पर जाम लगने से लोग परेशान, घंटों जूझने को मजबूर

Tue, 06 Jan 2026 06:10 AM IST
Digvijay Singh सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 06 Jan 2026 06:10 AM IST
सार

पश्चिमी दिल्ली में बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा से लोग परेशान हैं। उत्तम नगर, द्वारका, नवादा, जनकपुरी और राजौरी गार्डन जैसे इलाकों में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से रोजाना जाम लग रहा है। दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोग घंटों सड़कों पर जूझने को मजबूर हैं।

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E rickshaws are becoming a nuisance in West Delhi causing traffic jams and leaving people frustrated and stuck
ई रिक्शा की वजह से लगता है जाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिमी दिल्ली में बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा से लोग परेशान हैं। उत्तम नगर, द्वारका, नवादा, जनकपुरी और राजौरी गार्डन जैसे इलाकों में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से रोजाना जाम लग रहा है। दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोग घंटों सड़कों पर जूझने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। ई-रिक्शा आम आदमी के लिए सस्ती सवारी माने जाते थे, वही पश्चिमी दिल्ली की रफ्तार थामे खड़े हैं। नवादा और जनकपुरी में हालात और भी खराब हैं। यहां पर कई जगह ई रिक्शा चालकों ने स्थायी स्टैंड बना लिए हैं। फुटपाथ पर खड़े ई रिक्शा पैदल चलने वालों की राह रोक रहे हैं। राजौरी गार्डन जैसे व्यस्त बाजार में शाम होते ही हालात बेकाबू हो जाते हैं। खरीदारी के लिए निकले लोग जाम में फंस जाते हैं। आलम यह है कि कई बार एंबुलेंस तक जाम में अटक जाती है।

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नवादा निवासी आशुतोष ने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनके पास न तो लाइसेंस है और न ही कोई पंजीकरण। नाबालिग तक ई-रिक्शा चलाते देखे जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों की जानकारी न होने के कारण ये चालक कभी भी हादसे को न्योता दे सकते हैं। राजौरी गार्डन निवासी रानी ने बताया कि रोज ऑफिस पहुंचने में देर हो जाती है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कभी-कभी अभियान चलाकर कुछ ई रिक्शा जब्त कर लिए जाते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में फिर वही हालात हो जाते हैं। न तो स्थायी पार्किंग की व्यवस्था है और न ही तय रूट का पालन कराया जा रहा है। नियम केवल कागजों में है, सड़क पर नहीं है। ई रिक्शा चालक सोनू ने बताया कि यही उनका एकमात्र सहारा है। वे रोज कमाते हैं, तभी घर चलता है।
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पहले घर से बाजार तक पहुंचने में दस मिनट लगते थे, अब आधा घंटा लग जाता है। - विवेक, उत्तम नगर
जाम के कारण घर से जल्दी निकलने के बावजूद ऑफिस पहुंचने में देरी हो जाती है। -निशा, नवादा

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