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डूसू चुनाव: छात्र संगठन हुए सक्रिय, तेज की चुनावी तैयारियां
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-एनएसयूआई और एबीवीपी ने चुनावी घोषणापत्र तैयार करने का अभियान शुरू किया
-एनएसयूआई को घोषणा पत्र के लिए अब तक करीब 6,000 सुझाव मिल चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डूसू) का दंगल फतह करने के लिए छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं। एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा, एसएफआई ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन अपने-अपने घोषणा पत्र के लिए सुझाव लेने में जुटे हैं। इसके लिए एनएसयूआई और एबीवीपी ने अभियान शुरू किया है। वहीं एसएफआई ने चुनाव संचालन और तैयारियों की निगरानी के लिए 84 सदस्यीय चुनाव समिति बनाई है। इसके साथ ही एसएफआई ने ड्रीम डीयू ऑफ दफ्ली गैंग अभियान शुरू किया है। एसएफआई डूसू के केंद्रीय पैनल के अलावा डीयू के 10 प्रमुख कॉलेजों में भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। वहीं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अखिलेश यादव और मान्या शर्मा को डूसू चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव समन्वयक नियुक्त किया है।
एबीवीपी और एनएसयूआई ने शुरू किया घोषणापत्र अभियान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एनएसयूआई ने सोमवार से चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए छात्रों से सुझाव लेने का अभियान शुरू किया है। एनएसयूआई ने मेरा कैंपस मेरा घोषणा पत्र अभियान शुरू किया है। संगठन को अब तक करीब 6,000 सुझाव मिल चुके हैं। एनएसयूआई की टीमें कॉलेजों में जाकर छात्रों से उनकी समस्याओं पर चर्चा कर रही हैं और सुझाव पेटियों के जरिये उनकी प्राथमिकताएं जुटा रही हैं। संगठन का कहना है कि इन सुझावों के आधार पर छात्रों की मांगों और आकांक्षाओं को घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा। वहीं एबीवीपी ने माय डीयू माय मेनिफेस्टो अभियान शुरू किया है। इसके तहत छात्र क्यूआर कोड और कैंपस में मौजूद कार्यकर्ताओं के जरिये अपनी समस्याएं और सुझाव दे सकते हैं। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा के अनुसार छात्रों से मिले सुझावों का अध्ययन कर उन्हें नीतिगत प्रस्तावों और छात्र-केंद्रित घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।
300 वाहनों के चालान, डूसू कार्यालय पर आज लगेगा ताला
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर डीयू प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपना रखा है। परिसर में शांति व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और लिंगदोह समिति के साथ दिल्ली हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रॉक्टर कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम सघन जांच कर रही हैं। इसके तहत अब तक बिना अनुमति चल रही और काली फिल्म लगी करीब 300 गाड़ियों के चालान किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आर्ट्स फैकल्टी के आसपास की गई। मंगलवार को साउथ कैंपस में भी अभियान चलाया जाएगा। अगले सप्ताह से इस अभियान में और सख्ती की जाएगी। इस बार प्रशासन ने काफी सख्त नियम बनाए हैं, इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में डीयू प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नियमों को लेकर पहले छात्रों को नियमों के विषय में समझाया जा रहा है। यदि फिर भी छात्र नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो उनपर कार्रवाई की जा रही है।
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डूसू कार्यालय पर आज लगेगा ताला
चुनाव के लिए अब मंगलवार को डूसू कार्यालय पर ताला लगा दिया जाएगा। इसके बाद डूसू के मौजूदा पदाधिकारी और अन्य छात्र कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 19 सितंबर के बाद नए डूसू के गठन के बाद ही कार्यालय दोबारा खोला जाएगा।
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-एनएसयूआई को घोषणा पत्र के लिए अब तक करीब 6,000 सुझाव मिल चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डूसू) का दंगल फतह करने के लिए छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं। एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा, एसएफआई ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन अपने-अपने घोषणा पत्र के लिए सुझाव लेने में जुटे हैं। इसके लिए एनएसयूआई और एबीवीपी ने अभियान शुरू किया है। वहीं एसएफआई ने चुनाव संचालन और तैयारियों की निगरानी के लिए 84 सदस्यीय चुनाव समिति बनाई है। इसके साथ ही एसएफआई ने ड्रीम डीयू ऑफ दफ्ली गैंग अभियान शुरू किया है। एसएफआई डूसू के केंद्रीय पैनल के अलावा डीयू के 10 प्रमुख कॉलेजों में भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। वहीं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अखिलेश यादव और मान्या शर्मा को डूसू चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव समन्वयक नियुक्त किया है।
एबीवीपी और एनएसयूआई ने शुरू किया घोषणापत्र अभियान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एनएसयूआई ने सोमवार से चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए छात्रों से सुझाव लेने का अभियान शुरू किया है। एनएसयूआई ने मेरा कैंपस मेरा घोषणा पत्र अभियान शुरू किया है। संगठन को अब तक करीब 6,000 सुझाव मिल चुके हैं। एनएसयूआई की टीमें कॉलेजों में जाकर छात्रों से उनकी समस्याओं पर चर्चा कर रही हैं और सुझाव पेटियों के जरिये उनकी प्राथमिकताएं जुटा रही हैं। संगठन का कहना है कि इन सुझावों के आधार पर छात्रों की मांगों और आकांक्षाओं को घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा। वहीं एबीवीपी ने माय डीयू माय मेनिफेस्टो अभियान शुरू किया है। इसके तहत छात्र क्यूआर कोड और कैंपस में मौजूद कार्यकर्ताओं के जरिये अपनी समस्याएं और सुझाव दे सकते हैं। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा के अनुसार छात्रों से मिले सुझावों का अध्ययन कर उन्हें नीतिगत प्रस्तावों और छात्र-केंद्रित घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।
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300 वाहनों के चालान, डूसू कार्यालय पर आज लगेगा ताला
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर डीयू प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपना रखा है। परिसर में शांति व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और लिंगदोह समिति के साथ दिल्ली हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रॉक्टर कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम सघन जांच कर रही हैं। इसके तहत अब तक बिना अनुमति चल रही और काली फिल्म लगी करीब 300 गाड़ियों के चालान किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आर्ट्स फैकल्टी के आसपास की गई। मंगलवार को साउथ कैंपस में भी अभियान चलाया जाएगा। अगले सप्ताह से इस अभियान में और सख्ती की जाएगी। इस बार प्रशासन ने काफी सख्त नियम बनाए हैं, इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में डीयू प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नियमों को लेकर पहले छात्रों को नियमों के विषय में समझाया जा रहा है। यदि फिर भी छात्र नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो उनपर कार्रवाई की जा रही है।
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डूसू कार्यालय पर आज लगेगा ताला
चुनाव के लिए अब मंगलवार को डूसू कार्यालय पर ताला लगा दिया जाएगा। इसके बाद डूसू के मौजूदा पदाधिकारी और अन्य छात्र कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 19 सितंबर के बाद नए डूसू के गठन के बाद ही कार्यालय दोबारा खोला जाएगा।