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द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन पर बम की सूचना से मचा हड़कंप, सहमे यात्री
ब्यूरो/ अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:32 AM IST
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किसी भी आपदा से कम से कम समय में निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए सोमवार को सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) व हरियाणा पुलिस ने गुरु द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल की। भारी संख्या में पुलिस बल देख मेट्रो से गुजरने वाले यात्री सहम गए। किसी को भी मॉक ड्रिल की जानकारी नहीं थी।
सुबह 11 बजे द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन के स्टेशन कंट्रोलर को कि सी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि उनके स्टेशन पर एक बैग में बम रखा हुआ है। इसके बाद सीआईएसएफ का पूरा अमला तत्काल हरकत में आ गया। स्टेशन कंट्रोलर ने उसी समय मेट्रो स्टेशन के शिफ्ट इंचार्ज को सूचित किया और पुलिस, फायर ब्रिगेड आदि को भी साथ ही सूचना भेज दी।
सीआईएसएफ की अतिरिक्त मैनपावर भी वहां पहुंची और स्टेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस बीच स्टेशन पर मौजूद लोगों को बिना अफरा-तफरी के स्टेशन का कनकोर्स लेवल (प्लेटफार्म से नीचे वाला तल) खाली करने के लिए कहा गया। चूंकि इस मॉक ड्रिल के दौरान मेट्रो की सेवाएं बंद नही की गई थी, इसलिए दूसरे रास्ते से प्लेटफार्म पर जाने के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन किया गया।
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सीआईएसएफ की टीम ने हरियाणा मेट्रो रेल पुलिस के साथ मिलकर यह सर्च अभियान चलाया। बम की तलाश करके उसको निष्क्रिय करना जरूरी था, इसलिए सीआईएसएफ का बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा। उनके पास डॉग के अलावा एक्सपलोजिव वाइपर डिवाइस भी थी।
स्टेशन के कनकोर्स लेवल के पूरे क्षेत्र को कार्डन ऑफ (घेराबंदी करके अलग करना) किया गया। इसी लेवल पर एक कोने में एक लावारिस बैग मिला, जिसकी जांच स्नीफर डॉग ने की। इसके बाद इशारा किया गया कि इसमें किसी प्रकार की एक्सप्लोसिव अथवा विस्फोटक वस्तु नहीं है।फिर भी एहतियात के तौर पर एक्सप्लोसिव वाइपर डिवाइस से उसे अच्छी तरह से चेक किया गया
तब पाया गया कि स्टेशन पर बम होने की सूचना निराधार थी। यह सूचना महज अफवाह थी। इसमें इफको चौक मेट्रो स्टेशन पर बने हरियाणा मेट्रो रेल पुलिस थाना के कर्मचारियों ने भी इसमें सहयोग दिया। सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट प्रवीण चौहान, असिस्टेंट कमांडेंट एस मुखर्जी, रिजर्व इंस्पेक्टर राजेन्द्र सिंह तथा उनकी टीम ने लावारिस बैग को खोजने तथा उसमें विस्फोटक वस्तु नहीं होने की पुष्टि करने के कार्य में अहम योगदान दिया।
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सुबह 11 बजे द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन के स्टेशन कंट्रोलर को कि सी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि उनके स्टेशन पर एक बैग में बम रखा हुआ है। इसके बाद सीआईएसएफ का पूरा अमला तत्काल हरकत में आ गया। स्टेशन कंट्रोलर ने उसी समय मेट्रो स्टेशन के शिफ्ट इंचार्ज को सूचित किया और पुलिस, फायर ब्रिगेड आदि को भी साथ ही सूचना भेज दी।
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सीआईएसएफ की अतिरिक्त मैनपावर भी वहां पहुंची और स्टेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस बीच स्टेशन पर मौजूद लोगों को बिना अफरा-तफरी के स्टेशन का कनकोर्स लेवल (प्लेटफार्म से नीचे वाला तल) खाली करने के लिए कहा गया। चूंकि इस मॉक ड्रिल के दौरान मेट्रो की सेवाएं बंद नही की गई थी, इसलिए दूसरे रास्ते से प्लेटफार्म पर जाने के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन किया गया।
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सीआईएसएफ की टीम ने हरियाणा मेट्रो रेल पुलिस के साथ मिलकर यह सर्च अभियान चलाया। बम की तलाश करके उसको निष्क्रिय करना जरूरी था, इसलिए सीआईएसएफ का बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा। उनके पास डॉग के अलावा एक्सपलोजिव वाइपर डिवाइस भी थी।
स्टेशन के कनकोर्स लेवल के पूरे क्षेत्र को कार्डन ऑफ (घेराबंदी करके अलग करना) किया गया। इसी लेवल पर एक कोने में एक लावारिस बैग मिला, जिसकी जांच स्नीफर डॉग ने की। इसके बाद इशारा किया गया कि इसमें किसी प्रकार की एक्सप्लोसिव अथवा विस्फोटक वस्तु नहीं है।फिर भी एहतियात के तौर पर एक्सप्लोसिव वाइपर डिवाइस से उसे अच्छी तरह से चेक किया गया
तब पाया गया कि स्टेशन पर बम होने की सूचना निराधार थी। यह सूचना महज अफवाह थी। इसमें इफको चौक मेट्रो स्टेशन पर बने हरियाणा मेट्रो रेल पुलिस थाना के कर्मचारियों ने भी इसमें सहयोग दिया। सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट प्रवीण चौहान, असिस्टेंट कमांडेंट एस मुखर्जी, रिजर्व इंस्पेक्टर राजेन्द्र सिंह तथा उनकी टीम ने लावारिस बैग को खोजने तथा उसमें विस्फोटक वस्तु नहीं होने की पुष्टि करने के कार्य में अहम योगदान दिया।