धर्म परिवर्तन कर IS में शामिल होने वाली थी छात्रा, पिता ने पकड़ा
आप जानकर हैरान होंगे, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से भारत का इंटेलिजेंस ब्यूरो दिल्ली यूनिवर्सिटी से पास एक हिंदू लड़की को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि आईएस (इस्लामिक स्टेट) में शामिल होना अच्छा विचार नहीं है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भारतीय सेना से रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल की बेटी तीन साल के लिए स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी। जब वो ऑस्ट्रेलिया से वापस आई तो पूरी तरह बदल चुकी थी।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार इस लड़की के पिता ने एनआईए से संपर्क कर अपनी बेटी द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में बताया था।
बेटी के कंप्यूटर से सामने आया चौंकाने वाला सच
लड़की के पिता ने एनआईए को पूरी जानकारी दी और मदद के लिए कहा। इस पर एनआईए ने आईबी से संपर्क किया जो फिलहाल इस मामले को देख रही है।
एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी ने इस बात की पुष्टि भी की है। सूत्रों के अनुसार कुछ महीने पहले लड़की के पिता ने अपनी बेटी के कंप्यूटर पर आईएस से संबंधित कुछ कम्यूनिकेशन लिंक देखी थी।
आगे की जांच करने पर पिता को पता चला कि उसकी बेटी आईएस में भर्ती करने वालों के संपर्क में है। साथ ही वो सीरिया जाकर आईएस में शामिल होने की योजना बना रही है।
धर्म परिवर्तन कर जाने वाली थी सीरिया
अखबार के अनुसार महिला पहले धर्म परिवर्तन करती फिर ऑस्ट्रेलिया होकर सीरिया जाती और इसके बाद आईएस में शामिल होती। चूंकि अब ये मामला आईबी की निगरानी में है और वे लगातार महिला की काउंसिलिंग कर रहे हैं।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि यूएई में पिछले दिनों पकड़े गए 10 आईएस से संबद्ध युवाओं जिसमें दो हिंदू भी थे, उनका मामला इससे काफी अलग है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें इंटरनेट पर उनके भेजे गए संदेशों के जरिए पकड़ा गया था, जबकि इस महिला की जानकारी उसके पिता ने खुद दी है।
इस समस्या से ऑस्ट्रेलिया है बहुत परेशान
अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है जब भारत ने आईएस ज्वाइन करने जाने वालों पर नजर रखना सख्ती से शुरू किया है। इस मामले में ऑस्ट्रेलिया का बुरा हाल है।
वहां से बड़ी संख्या में लोग सीरिया जा रहे हैं और आईएस में शामिल हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट के अनुसार कम से कम 70 ऑस्ट्रेलियाई इराक और सीरिया में लड़ रहे हैं, जिनका सपोर्ट करीब ऑस्ट्रेलिया के 100 फैसिलिटेटर्स कर रहे हैं।
धर्मपरिवर्तन के बाद आईएस में शामिल होना भी ऑस्ट्रेलिया के लिए नया नहीं है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में लोगों को आईएस में भर्ती करने का काम जो जिहादी करता है उसका नाम नील प्रकाश है। वो पहले बौद्ध था और अब धर्म परिवर्तन कर लिया।