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डीयू में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के प्रस्ताव का विरोध हुआ तेज, कार्यकारी परिषद के सदस्यों ने कुलपति को लिखा पत्र
Sat, 18 Apr 2020 11:07 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 18 Apr 2020 11:07 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय
देशव्यापी लॉकडाउन के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। इस प्रस्ताव को कुछ डीन व छात्रों द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब कार्यकारी परिषद ने भी इस पर आपत्ति जताई है।
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प्रस्ताव को लेकर परिषद के सदस्यों प्रोफेसर जेएल गुप्ता व डॉ. राजेश झा ने कुलपति प्रोफेसर योगेश त्यागी को पत्र लिखा है। सदस्यों ने पत्र में तर्क दिया है कि डीयू में कुछ कोर्सेज के दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से कराई जाती है। ऐसे में लगभग 9 लाख छात्रों के लिए यूजी-पीजी की परीक्षा डीयू का कंप्यूटर सेंटर कैसे आयोजित कर लेगा।
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डॉ. राजेश झा ने कहा कि सवाल उठता है कि जब डीयू में दाखिले के लिए कुछ विषयों की प्रवेश परीक्षा को सेंटर नहीं करवा पाया तो इतने सारे पाठ्यक्रमों और छात्रों की परीक्षा कैसे करा पाएगा। डीयू में प्रवेश परीक्षा सभी पीजी, एमफिल-पीएचडी कोर्सेज और यूजी के लगभग 11 कोर्सेज की परीक्षा एनटीए करवाता है।
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ऐसे में डीयू के 80 विषयों की परीक्षा इतने बड़े पैमाने पर कंप्यूटर सेंटर कैसे आयोजित करेगा। उनका कहना है कि डीयू में परीक्षा का मुद्दा विधायी संस्थाएं जैसे विद्वत परिषद व कार्यकारी परिषद के अंतर्गत आते हैं।
डीयू एक्ट 1922 की धारा 17 में साफ कहा गया है कि विश्वविद्यालय के प्राधिकारी कौन हैं। इसलिए परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर इस तरह का फैसला लेना विधायी संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र पर अतिक्रमण है। साथ ही जो छात्र ग्रामीण और आर्थिक रुप से पिछड़े क्षेत्र से आते हैं उनके लिए भी यह प्रस्ताव ठीक नही हैं।
लॉकडाउन के कारण सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्र लैपटॉप व डेस्कटॉप नहीं होने की सूरत में परीक्षा से वंचित रह सकते हैं। बताया जा रहा है कि डीयू के कंप्यूटर सेंटर को परीक्षा कराने की तैयारी करने को कहा है।