फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   DU admissions may see a change in seat matrix

Delhi NCR News: डीयू में दाखिले के लिए बदल सकती है सीट मैट्रिक्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 07:25 PM IST
विज्ञापन
कुलपति ने कम से कम राउंड में बेहतर आवंटन के लिए कॉलेजों को मैट्रिक्स पर फिर से विचार करने की सलाह दी
विज्ञापन


कॉलेजों में सीटें खाली रहने का कारण सीयूईटी नहीं है : प्रो योगेश सिंह

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अगले शैक्षणिक सत्र (2026-27) के दाखिले के लिए सीट मैट्रिक्स बदल सकती हैं। डीयू कुलपति ने कॉलेजों को कम से कम राउंड में सीटों के बेहतर आवंटन के लिए सीट मैट्रिक्स पर फिर से विचार करने की सलाह दी गई है। कॉलेजों में कई राउंड के आवंटन के बाद भी खाली रह गई सीटों को भरने के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा गया है। डीयू ने स्पष्ट किया है कि सीट मैट्रिक्स बदलने की स्थिति में किसी कोर्स को बंद नहीं किया जाएगा। बस प्रयास यह किया जा रहा है कि कम से कम आवंटन राउंड में सीटों को भर दिया जाए।
डीयू में हर साल दाखिले के कई राउंड के बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि खाली सीटों का कारण सीयूईटी नहीं है। सीयूईटी आने के बाद विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया केंद्रीकृत सिस्टम के साथ अधिक तार्किक, पारदर्शी और जवाबदेह हो गई है। अब प्रत्येक हित धारक को हर सीट की स्थिति की जानकारी होती है। डीयू के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम में हर आवंटन को सार्वजनिक किया जाता है। कुलपति ने कहा कि कम से कम राउंड में सीटों के बेहतर आवंटन के लिए हमने कॉलेजों को अपनी सीट मैट्रिक्स पर फिर से विचार करने की सलाह दी है।
विज्ञापन


डीयू के कुछ कॉलेजों में स्नातक प्रोग्राम में खाली सीटों पर दाखिला शाखा के आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट किया कि सीयूईटी से पहले 12वीं के अंकों से दाखिले होने पर भी कुछ सीटें खाली रह जाती थी। उन्होंने 2018, 2019 (सीयूईटी से पहले-कोविड से पहले) और 2024, 2025 (कोविड के बाद) के दाखिलों के आंकड़ों के साथ बताया कि 2019 में मेरिट आधारित दाखिलों के समय डीयू में स्नातक की कुल उपलब्ध 70735 सीटों में से 68213 ही भरी गई थी, और 3.56 फीसदी सीटें खाली रह गई थी। इस बार 2025 में सीयूईटी आधारित दाखिलों के समय कुल उपलब्ध 71,642 सीटों के मुक़ाबले 72,229 दाखिले हुए हैं। इस तरह से इस बार 0.65 फीसदी दाखिले अधिक हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि सीयूईटी से पहले दाखिलों को अनिश्चित कट-ऑफ के कारण नियंत्रित नहीं किया जा सकता था। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जहां 11 सीटों की क्षमता पर 203 दाखिले किए गए जो कि तय सीटों से 1745 फीसदी अधिक थे। अब जो नया सिस्टम लाए हैं उससे अधिक और कम दाखिलों की समस्या नियंत्रित की जा सकती है। अब कॉलेज तय करते हैं कि वे हर कोर्स में कितनी अतिरिक्त सीटें देना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी अब प्रोग्राम की लोकप्रियता पर अनुमानित विश्लेषण कर सकती है, जिससे दाखिला नीति बनाने में मदद मिलती है।


उन्होंने कहा कि सीयूईटी से पहले सीटों की मंजूरी पर अधिक ध्यान नहीं दिया जा सकता था। एक खास प्रोग्राम में अधिक और बिना गिनती के दाखिलों के कई मामले होते थे। लेकिन सीयूईटी आने के बाद दाखिला प्रक्रिया तार्किक, पारदर्शी हो गई है। अब जो कॉलेजों को अपनी सीट मैट्रिक्स पर विचार करने के लिए कहा गया है, उससे किसी कोर्स को बंद नहीं किया जाएगा। कोशिश सिर्फ यह है कि कम से कम आवंटन राउंड में सीटों को बेहतर तरीके से भरा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed