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Delhi NCR News: चालक को इंजेक्शन लगाकर किया बेहोश, उड़ाया लाखों का कॉपर स्क्रैप
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न्यू उस्मानपुर की घटना, बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर कार सवार बदमाशों ने ट्रक रुकवाया
चालक ट्रक में बेहोशी की हालत में मिला, अस्पताल में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यू उस्मानपुर में बदमाशों ने ट्रक चालक को धोखे से रुकवाया और नशीला इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया। ट्रक में लाखों का कॉपर स्क्रैप था जिसे बदमाश चुरा कर ले गए। चालक मनीष के मुताबिक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर उसकी गाड़ी रुकवाई थी। बदमाश चालक का मोबाइल और पर्स भी ले गए। पीड़ित का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
27 साल का मनीष कुमार परिवार के साथ आईपी कॉलोनी बुराड़ी में रहता है। वह पिछले छह साल से संजय का टाटा 909 चला रहा है। न्यू उस्मानपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में मनीष ने बताया कि 9 सितंबर की सुबह वह लिबासपुर स्थित सचिन खंडेलवाल के गोदाम से गाड़ी में छह टन कॉपर स्क्रैप लादकर मंडोली के लिए रवाना हुआ। रास्ते में गाड़ी में सीएनजी भरवाई थी। 11 बजे सिग्नेचर ब्रिज पार करने के बाद खजुरी से पहले एक स्विफ्ट कार ने ओवरटेक किया। उसमें चार लोग सवार थे। उन्होंने कहा कि वह बैंक के रिकवरी एजेंट हैं। गाड़ी की किस्त जमा नहीं हुई है और गाड़ी को रोकने का इशारा किया।
मनीष गाड़ी को साइड में रोककर मालिक को फोन लगाने लगा। इस दौरान कार से दो लोग उतरे और मनीष को पकड़ लिया। एक ने मनीष के हाथ में इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाते ही वह बेहोश हो गया। होश आने पर उसने खुद को जगप्रवेश अस्पताल के बेड पर पाया। पास ही उसके पिता कर्मचंद्र, मालिक संजय और परिवार के सदस्य मौजूद थे। पिता ने मनीष को बताया कि वह वजीराबाद रोड पर अपनी गाड़ी में बेहोश पड़ा था और गाड़ी से सारा सामान गायब मिला है। बाद में पता चला कि बदमाश मनीष का मोबाइल और पर्स भी ले गए हैं। पर्स में पांच सौ रुपये, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज थे। मनीष के होश में आने के बाद 10 सितंबर को पुलिस ने उसका बयान लेने के बाद मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आस पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।
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चालक ट्रक में बेहोशी की हालत में मिला, अस्पताल में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यू उस्मानपुर में बदमाशों ने ट्रक चालक को धोखे से रुकवाया और नशीला इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया। ट्रक में लाखों का कॉपर स्क्रैप था जिसे बदमाश चुरा कर ले गए। चालक मनीष के मुताबिक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर उसकी गाड़ी रुकवाई थी। बदमाश चालक का मोबाइल और पर्स भी ले गए। पीड़ित का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
27 साल का मनीष कुमार परिवार के साथ आईपी कॉलोनी बुराड़ी में रहता है। वह पिछले छह साल से संजय का टाटा 909 चला रहा है। न्यू उस्मानपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में मनीष ने बताया कि 9 सितंबर की सुबह वह लिबासपुर स्थित सचिन खंडेलवाल के गोदाम से गाड़ी में छह टन कॉपर स्क्रैप लादकर मंडोली के लिए रवाना हुआ। रास्ते में गाड़ी में सीएनजी भरवाई थी। 11 बजे सिग्नेचर ब्रिज पार करने के बाद खजुरी से पहले एक स्विफ्ट कार ने ओवरटेक किया। उसमें चार लोग सवार थे। उन्होंने कहा कि वह बैंक के रिकवरी एजेंट हैं। गाड़ी की किस्त जमा नहीं हुई है और गाड़ी को रोकने का इशारा किया।
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मनीष गाड़ी को साइड में रोककर मालिक को फोन लगाने लगा। इस दौरान कार से दो लोग उतरे और मनीष को पकड़ लिया। एक ने मनीष के हाथ में इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाते ही वह बेहोश हो गया। होश आने पर उसने खुद को जगप्रवेश अस्पताल के बेड पर पाया। पास ही उसके पिता कर्मचंद्र, मालिक संजय और परिवार के सदस्य मौजूद थे। पिता ने मनीष को बताया कि वह वजीराबाद रोड पर अपनी गाड़ी में बेहोश पड़ा था और गाड़ी से सारा सामान गायब मिला है। बाद में पता चला कि बदमाश मनीष का मोबाइल और पर्स भी ले गए हैं। पर्स में पांच सौ रुपये, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज थे। मनीष के होश में आने के बाद 10 सितंबर को पुलिस ने उसका बयान लेने के बाद मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आस पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।
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