प्लेटलेट्स गिरने से कुत्ते की मौत, 10 दिन पहले लग गई थी ठंड
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सेक्टर-22 निवासी परिवार में ग्रेडेन नस्ल के कुत्ते ‘डेनी’ की मौत डेंगू के लक्षण वाली बीमारी टिक फीवर से हो गई। जांच में यह बात सामने आई कि उसके प्लेटलेट्स का स्तर काफी गिर गया था। परिवार ने डेनी को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन वह नहीं बच सका।
सेक्टर-22 चौड़ा गांव निवासी राजेंद्र पंडित ने बताया कि 10 दिन पहले डेनी को ठंड लग गई थी। इससे उसको बुखार हो गया। कई दिनों तक दवा देने के बाद भी जब बुखार नहीं उतरा तो उसे दिल्ली के हौजखास में नामी पशु चिकित्सक के पास लेकर गए।
उस दौरान डॉक्टर ने बताया कि डेनी को टिक फीवर हो गया है। इसके लक्षण बहुत हद तक डेंगू जैसे ही होते हैं। अंतर यही है कि डेंगू इंसानों में होता है और टिक फीवर कुत्तों में। जांच कराई गई तो रिपोर्ट में डेनी की प्लेटलेट्स काफी कम पाई गई।
डॉक्टर ने बताया कि उसे इंफेक्शन भी हो गया था। किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। राजेंद्र ने बताया कि पूरा परिवार डेनी से बहुत प्यार करता था। वह सबका प्यारा था। उसकी मौत ने सबको रुला दिया। इसलिए उसे सभी रस्मों के साथ अंतिम विदाई देते हुए दफना दिया गया।
टिक फीवर के दौरान किडनी और लिवर भी काम करना बंद कर सकते हैं
टिक फीवर में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। कुत्तों में टिक (पिस्सु) की वजह से ऐसा होता है। सामान्य तौर पर कुत्तों में 2 लाख 11 हजार से लेकर 6 लाख 21 हजार तक प्लेटलेट्स होनी चाहिए। टिक फीवर के दौरान किडनी और लिवर भी काम करना बंद कर सकते हैं लेकिन यह लाइलाज नहीं है। यदि समय पर इलाज कराया जाए तो जान बचाई जा सकती है। - डॉ. प्रीतपाल, पशु चिकित्सक