दिल्ली में बॉन्ड पर रार: डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, LG से की वापस लेने की मांग; बताई वजह
फेडरेशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर बॉन्ड की शर्त को वापस लेने की मांग रखी है। संगठन के महासचिव डॉक्टर सर्वेश पांडे ने कहा कि दिल्ली में पहले ही डॉक्टरों की भारी कमी है।
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बॉन्ड को लेकर आदेश जारी होने पर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फाइमा) और फेडरेशन आफ रेसिडेंट डाक्टर एसोसिएशन (फोर्डा) ने एलजी से इस इस आदेश को वापस लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के मेडिकल कालेज से एमबीबीएस और मेडिकल स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में एक वर्ष सेवा देना अनिवार्य किया गया है। इसमें कहा गया है कि छात्रों को दिल्ली के मेडिकल कालेजों में नामांकन के समय ही 15 से 20 लाख का बॉन्ड भर कर देना होगा। एक साल की दिल्ली में सेवा का विकल्प चयन करने पर यह रद्द हो जाएगा।
डॉ. अविरल माथुर ने कहा हम आदेश की निंदा करते हैं। भारत के करीब 20 राज्यों में आदेश लागू है। दिल्ली में लागू होने पर दूसरे राज्य भी इसे लागू कर देंगे। उन्होंने कहा दिल्ली से डाक्टर बाहर नहीं जाते हैं, यहां पढ़ने और बेहतर कार्य की तलाश में आते हैं। डाक्टरों की यहां कमी नहीं है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने पिछले महीने जो गाइडलाइन निकाली थी, उसमें बांड को वापस लेना भी शामिल था। फाइमा के पूर्व अध्यक्ष डा. रोहन कृष्णन ने भी इसे हटाने की मांग रखी है।