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डॉक्टर की सलाह: स्क्रीन टाइम से बिगड़ रही गर्दन की सेहत, अपनाएं आसान बचाव उपाय
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आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का बढ़ता इस्तेमाल लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप ले रही है। लंबे समय तक गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से “टेक नेक” की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस लापरवाही के कारण न केवल गर्दन में दर्द होता है, बल्कि आगे चलकर पोस्चर भी खराब हो सकता है और समस्या गंभीर रूप ले सकती है। टेक नेक आज खासकर युवाओं और कामकाजी लोगों में आम होती जा रही है। लगातार गलत मुद्रा में बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव, अकड़न और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लेना चाहिए और हल्की स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। मोबाइल या लैपटॉप को आंखों के स्तर पर रखने से गर्दन पर दबाव कम होता है। साथ ही, सीधे बैठने की आदत डालना और रोजाना गर्दन व कंधों की एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। समय रहते सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है।
- डॉ. आशीष आचार्य, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिट (सर गंगाराम अस्पताल)
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विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लेना चाहिए और हल्की स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। मोबाइल या लैपटॉप को आंखों के स्तर पर रखने से गर्दन पर दबाव कम होता है। साथ ही, सीधे बैठने की आदत डालना और रोजाना गर्दन व कंधों की एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। समय रहते सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है।
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- डॉ. आशीष आचार्य, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिट (सर गंगाराम अस्पताल)