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Delhi NCR News: डॉक्टर ने ब्लड स्टेम सेल डोनेट कर मरीज को दी नई जिंदगी
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पिता को ल्यूकेमिया के कारण खो दिया था डॉक्टर ने
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोहड़ी के पर्व पर जब लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होकर नई शुरुआत और खुशहाली की कामना कर रहे थे। उसी समय दिल्ली के एक डॉक्टर ने किसी अनजान मरीज के जीवन में उम्मीद की लौ जला दी। एक निजी अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) विशेषज्ञ डॉ. आदित्य गुप्ता ने अपना ब्लड स्टेम सेल डोनेट कर एक जरूरतमंद मरीज को नया जीवन दिया है। डॉ. आदित्य गुप्ता के लिए यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा भी थी। उन्होंने सालों पहले अपने पिता को ल्यूकेमिया के कारण खो दिया था। उस दर्द को उन्होंने बहुत करीब से महसूस किया है। वहीं, साल 2025 में उनकी जिंदगी में खुशी भी आई, जब वे पहली बार पिता बने। इन्हीं अनुभवों के बीच उन्होंने ब्लड स्टेम सेल डोनेशन का फैसला लिया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पिता को खोने का खालीपन कभी पूरी तरह नहीं भर पाया, लेकिन जब उन्हें किसी मरीज के लिए डोनर बनने का मौका मिला, तो लगा कि वे किसी और परिवार को वही दुख झेलने से बचा सकते हैं। उन्होंने जून, 2024 में अपना ब्लड स्टेम सेल डोनेट किया था, जिससे लोहड़ी के दिन मैचिंग डोनर की जान बचाई गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोहड़ी के पर्व पर जब लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होकर नई शुरुआत और खुशहाली की कामना कर रहे थे। उसी समय दिल्ली के एक डॉक्टर ने किसी अनजान मरीज के जीवन में उम्मीद की लौ जला दी। एक निजी अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) विशेषज्ञ डॉ. आदित्य गुप्ता ने अपना ब्लड स्टेम सेल डोनेट कर एक जरूरतमंद मरीज को नया जीवन दिया है। डॉ. आदित्य गुप्ता के लिए यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा भी थी। उन्होंने सालों पहले अपने पिता को ल्यूकेमिया के कारण खो दिया था। उस दर्द को उन्होंने बहुत करीब से महसूस किया है। वहीं, साल 2025 में उनकी जिंदगी में खुशी भी आई, जब वे पहली बार पिता बने। इन्हीं अनुभवों के बीच उन्होंने ब्लड स्टेम सेल डोनेशन का फैसला लिया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पिता को खोने का खालीपन कभी पूरी तरह नहीं भर पाया, लेकिन जब उन्हें किसी मरीज के लिए डोनर बनने का मौका मिला, तो लगा कि वे किसी और परिवार को वही दुख झेलने से बचा सकते हैं। उन्होंने जून, 2024 में अपना ब्लड स्टेम सेल डोनेट किया था, जिससे लोहड़ी के दिन मैचिंग डोनर की जान बचाई गई।