दिल्ली हिंसाः मारे गए चार लोगों की होगी डीएनए जांच, देर रात तक आठ शवों के पोस्टमार्टम
हिंसा में मारे गए चार लोगों की पहचान डीएनए जांच के बाद ही हो सकेगी। जीटीबी अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हिंसा के शिकार चार लोगों के शरीर आग से बुरी तरह झुलसे हुए हैं। इनकी पहचान कर पाना संभव नहीं है। इनमें से एक शिव विहार निवासी अनवर का भी है।
अनवर की बेटी गुलशन ने अपने पिता के शव की शिनाख्त कर ली है लेकिन अस्पताल ने डीएनए जांच के बाद ही पहचान को मान्यता देने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन जांच के लिए दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की भी मदद ले सकता है। अभी तक दिल्ली में पहली बार है जब इस तरह के मामलों में डीएनए जांच के आधार पर मृतक की पहचान हो सके।
दिल्ली हिंसा में करावल नगर, शिव विहार और चांद बाग इलाके से चार शव ऐसे जीटीबी अस्पताल पहुंचे हैं जिनका शरीर आग में जला हुआ है और शरीर के अंग भी कटे हुए हैं। इनमें से दो शवों पर चाकू, तलवार और तेजाब से हमला किया गया है। इसके बाद गोली भी मारी गई है।
हापुड़ निवासी गुलशन के मुताबिक उनके पिता 58 वर्षीय अनवर सब्जी का ठेला लगाते थे। डॉक्टरों ने उनसे डीएनए जांच के बाद ही पहचान को मान्य करने की बात कही है। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों के ही अनुसार डीएनए जांच में तीन से चार दिन का वक्त लग सकता है। अस्पताल के ही सूत्रों के अनुसार जिन शवों की डीएनए जांच होनी है वे सभी मोर्चरी में स्ट्रेचर पर रखे गए हैं।
घायलों से मिलने पहुंचे कांग्रेस के नेता
शुक्रवार की शाम वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, तारिक अनवर, शक्ति सिंह गोहिल और सुष्मिता देव हिंसा में घायलों को देखने जीटीबी अस्पताल पहुंचे। इन सभी नेताओं ने घायलों से उनका हाल जाना। साथ ही इन्होंने दिल्ली हिंसा को लेकर घायलों से पूरी जानकारी भी ली।
देर रात तक 8 शवों के पोस्टमार्टम
शुक्रवार देर रात तक जीटीबी अस्पताल के डॉक्टरों ने आठ शवों के पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। अब तक अस्पताल में 18पोस्टमार्टम किए जा चुके हैं। जबकि 20 शवों का पोस्टमार्टम होना बाकी है।