बिस्तर पर मिली तीन जली लाश: हीटर से हुआ हादसा, मरने वाले पति-पत्नी व बेटी; अजय दिल्ली मेट्रो में थे इंजीनियर
अधिकारी ने बताया कि तीनों शव सोए हुए अवस्था में मिले हैं। ऐसा नहीं लग रहा था कि आग लगने के बाद उन्होंने भागकर जान बचाने की कोशिश की हो।
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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर में एक मकान में सोमवार देर रात आग लगने से दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर अजय विमल (42), उनकी पत्नी नीलम (38) और 10 साल की जान्हवी की जलकर मौत हो गई। तीनों का शव बिस्तर पर जली अवस्था में मिला है। पुलिस को संदेह है कि रूम हीटर में शॉट सर्किट होने से आग लगी।
पांचवीं मंजिल पर रहता था परिवार
उत्तर-पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह के अनुसार सोमवार देर रात दो बजकर 39 मिनट पर मुकुंदपुर में मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने मेट्रो अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर भीषण आग लग जाने की सूचना मिली। इस अपार्टमेंट में दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी रहते हैं। अधिकारी ने बताया कि सोसाइटी की आंतरिक अग्निशमन प्रणाली चालू कर दी गई थी और दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया था। उन्होंने बताया कि घटना के समय परिवार के तीनों सदस्य एक कमरे में थे और वे गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
रात 2.34 बजे हुई घटना
उन्होंने कहा कि आग लगने के कारण की जांच की जा रही है। हालांकि, प्रारंभिक संकेतों से पता चलता है कि रूम हीटर में शॉर्ट सर्किट हुआ होगा। मामले की जांच जारी है। डीएमआरसी ने एक आधिकारिक बयान में अपने एक कर्मी और उनके परिवार की मौत की पुष्टि की। डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) अनुज दयाल ने बताया कि यह घटना लगभग रात में दो बजकर 34 मिनट पर हुई।
अधिकारी बोले- जांच की जा रही
दयाल ने कहा कि तत्काल कार्रवाई और प्रयासों के बावजूद, परिवार को नहीं बचाया जा सका। पुलिस इस दुखद घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि डीएमआरसी पुलिस अधिकारियों को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है और शोक संतप्त परिजनों के साथ है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रात दो बजकर 39 मिनट पर सूचना मिलने पर दमकल की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल अभियान के दौरान, राकेश नामक एक कर्मी के हाथ में चोट लग गई। जगजीवन अस्पताल में इलाज के बाद राकेश को छुट्टी दे दी गई।
आग लगने से पहले परिवार के सदस्य हो गए थे बेहोश
दमकल अधिकारी ने बताया कि सोमवार देर रात 2.39 बजे आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही जहांगीरपुरी से दो, कनॉट प्लेस से फायर ब्रोंटो गाड़ी सहित दो और पश्चिम विहार से दो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मौके पर दमकल कर्मियों ने पांचवीं मंजिल स्थित फ्लैट से धुआं निकलते देखा। टीम तुरंत पांचवीं मंजिल पर पहुंची। फ्लैट के सारे गेट बंद थे। मेन गेट पर दो गेट था। दमकल कर्मियों ने लोहे वाले गेट के कब्जे काटने के बाद लकड़ी वाले दरवाजे को तोड़ा। अंदर एक कमरे से धुआं निकल रहा था। दमकल कर्मियों ने उस दरवाजे को भी तोड़ा। अंदर धुआं और आग थी। दमकल कर्मियों ने करीब साढ़े तीन बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। धुआं छटने के बाद बेड पर तीन लोग पूरी तरह से जली अवस्था में मिले। शव मिलने के बाद दमकल कर्मियों ने आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
सोए हुए अवस्था में थे तीनों शव
अधिकारी ने बताया कि तीनों शव सोए हुए अवस्था में मिले हैं। ऐसा नहीं लग रहा था कि आग लगने के बाद उन्होंने भागकर जान बचाने की कोशिश की हो। ऐसे हालत में आशंका है कि आग लगने से पहले ही वह धुआं के चपेट में आकर बेहोश हो गए थे।
कपड़ों से हुआ शव की पहचान
परिवार के तीनों शव पूरी तरह से जल चुके थे। बच्ची के शव की पहचान कर ली गई, लेकिन पति और पत्नी के शव की पहचान करना काफी मुश्किल था। नीलम के शरीर से चिपके कपड़े से उनकी पहचान की गई।
डीएमआरसी ने जताया दुख
दिल्ली मेट्रो की मुकुंदपुर स्थित आवासीय कॉलोनी में मंगलवार तड़के हुई घटना पर दिल्ली मेट्रो ने दुख जताया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि मृतक अजय विमल सहायक सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन) के पद पर कार्यरत थे। वह एक समर्पित और जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में जाने जाते थे। डीएमआरसी ने पुलिस को हर संभव सहयोग देने की बात कही है और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया है। डीएमआरसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह घटना पूरे डीएमआरसी परिवार के लिए गहरा आघात है। संगठन ने दिवंगत कर्मचारी और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।